घर वापसी करने वाले श्रमिक नहीं हो निराश

– मनरेगा में सभी श्रमिकों को मिलेगा काम, प्रशासनिक कवायद तेज
– दस हजार जाब कार्ड की कराई गई प्रिंटिंग, सभी प्रखंडों को उपलब्ध कराया कार्ड

पाकुड़:कोराना वायरस (कोविड – 19) के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पूरे देश में लाक डाउन हैं। लेकिन गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार लाक डाउन में मिली छूट के बाद जिले में लगातार प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी हो रही है। ऐसे में उनके समक्ष रोजी – रोजगार की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी कवायद तेज कर दिया है।

जिला प्रशासन ने इन प्रवासी श्रमिकों को निराश नहीं होने की बात कहीं है। कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार सभी प्रवासी श्रमिकों के हाथों को काम दिया जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गरांटी योजना (मनरेगा) के तहत पूर्व से काम कर रहे श्रमिकों के अलावा प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

राज्य सरकार ने तीन योजनाओं को किया शुरू

इस संबंध में उप विकास आयुक्त राम निवास यादव ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के आगमन एवं रोजगार को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों तीन नई योजनाओं की शुभारंभ की। जिसमें नीलाम्बर – पीताम्बर जल समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना एवं वीर शहीद फोटो खेल विकास योजना शामिल है। इन्हीं योजनाओं में मनरेगा के तहत प्रवासी श्रमिकों को जोड़ना है।

दस हजार नये जाब कार्ड कराया गया प्रिंट

उप विकास आयुक्त ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के जिला वापसी को लेकर दस हजार नये जाब कार्ड को प्रिंट कराया गया है। आवश्यकतानुसार इसे और बढ़ाया जाएगा। प्रिंट कार्ड को सभी प्रखंडों को उपलब्ध करा दिया गया है। जैसे ही प्रवासी मजदूरों की होम क्वारंटाइन अवधि (14 दिन) समाप्त होगी। उन्हें मनरेगा जाब कार्ड से जोड़ते हुए रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

3,221 साइटों पर 8,160 श्रमिक कर रहे काम

उप विकास आयुक्त राम निवास यादव ने कहा कि जिले में वर्तमान समय में तीन हजार 221 साइटों पर मनरेगा के तहत काम चल रहा हैं। जिसमें 8,160 श्रमिक काम कर रहे हैं। कार्य के दौरान कोरोना को लेकर जो एतिहात बरतना है उसका अनुपालन किया जा रहा हैं। सभी साइटों पर कार्य की मानीटरिंग सक्षम अधिकारी द्वारा की जा रही है।