झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान दो अपमान नहीं : राजू महतो

7, 8,9 दिसम्बर को धरना व 10 मुख्यमंत्री आवास समक्ष प्रदर्शन

29 दिसंबर को झारखंड बंद का ऐलान

रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक बैठक मोरहाबादी स्थित सरकार के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो के आवास में हुई. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो ने की। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलनकारियों का है. आंदोलनकारी इस राज्य के गार्जियन है. झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष ,त्याग, बलिदान एवं कुर्बानियों से यह राज्य बना है, इस राज्य को बनाने वाली शक्तियों की उपेक्षा कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.उन्हें सम्मान मिलना चाहिए. अभी तक आंदोलनकारी शांतिपूर्ण व अहिंसक आंदोलन का सहारा लेते रहे हैं. झारखंड आंदोलनकारियों के सब्र का बांध टूटा तो राज्य में फिर से एक हूल और उलगुलान होंगे, स्थितियां विस्फोटक होंगे. दिकू और दलालों को बंगाल की खाड़ी में फेंका जाएगा.झारखंड आंदोलनकारी अपने मान-सम्मान पहचान के लिए एक और संघर्ष करने को तैयार है। मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, बिनोद बिहारी महतो, एन इ होरो के त्याग एवं देवेंद्र माझी, सी पी तिर्की, निर्मल महतो, विशुन महतो के शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे.
बैठक में सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि 7, 8,9 दिसम्बर को धरना व 10 मुख्यमंत्री आवास समक्ष प्रदर्शन करेंगे. बैठक में
29 दिसम्बर को संपूर्ण झारखंड बंद का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम की व्यापक सफलता के लिए 25 नवंबर को डालटेनगंज 28 नवंबर को धनबाद , 30 नवंबर को रामगढ़,1 दिसंबर को दुमका एवं 4 दिसंबर को लोहरदगा में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक होगी।
बैठक का संचालन केंद्रीय सचिव कयुम खान व धन्यवाद सरोजनी कच्छप ने किया.
मौके पर चतरा, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, लातेहार, गुमला ,रांची, डालटेनगंज, गढ़वा, सिमडेगा,धनबाद आदि जिलों से
केंद्रीय सचिव किशोर किस्कू, पुष्कर महतो,गोपाल रवानी,शंखनाद सिंह,अमर किंडो,विशेषण भगत,गोपाल प्रसाद गुप्ता,गणेश साहू, श्रीमती सीमा देवी लो लिन टोप्पो, अनीता उरांव, विनीता खलखो लखन महतो जितेंद्र महतो रामरतन मेहता सत्येंद्र कुमार महतो मोहन महतो ध्रुव नारायण पासवान, परेश नाथ महतो, साबिर अंसारी, निजामुद्दीन,भोला प्रसाद, शांति देवी, दिवाकर साहू, मंजूर आलम सहित अन्य उपस्थित थे.