गोड्डा जिला में बाल विवाह की स्थिति चिंताजनक: डॉ नीरज

– किशोरी शख्स सशक्तिकरण में युवाओं की भूमिका विषय पर कार्यशाला आयोजित
– झारखंड में सर्वाधिक बाल विवाह गोड्डा जिला में
गोड्डा: गैर सरकारी संस्था साथी और आईसीआरडब्ल्यू के संयुक्त तत्वावधान में उमंग परियोजना के तहत गोड्डा सदर प्रखंड में किशोरी सशक्तिकरण में युवाओं की भूमिका विषय पर युवा क्लब के सदस्यों के साथ एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए साथी के निदेशक डॉ नीरज कुमार ने कहा कि गोड्डा जिला राज्य का पहला जिला है, जहां बाल विवाह की दर सबसे अधिक है।
डॉक्टर नीरज ने कहा कि यह स्थिति इस जिले के लिए चिंता का विषय है। बाल विवाह के कारण गोड्डा में कुपोषण अधिक है। किशोरियों का विद्यालय से छीजन अधिक है। लड़कियों की पढ़ाई रुक जाती है और समाज का विकास रुक जाता है। इसलिए आप जैसे युवाओं की बहुत ही महवपूर्ण भूमिका है इस समाज को बदलने की ।आपको इस बदलाव के लिए समाज के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के गतिविधि के माध्यम से समाज को एक रास्ता दिखाना होगा, जिससे किशोरियों को समाज मे आगे आने का मौका मिलेगा। मौके पर उमंग परियोजना के प्रोग्राम मैनेजर राजेन्द्र सिंह ने अपने प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि हमे पितृसत्ता सोच को बदलना होगा। हमे किशोरियों को नेतृत्व का मौका देना होगा। इसके लिए आप जैसे युवाओं को अपने गांव में संवेदनशील होकर काम करना होगा।
पारस वर्मा ने एक आंकड़ा के साथ कहा कि उमंग परियोजना के तहत समुदाय और विद्यालय स्तर पर 10 से 18 वर्ष के किशोरियों का सत्र लेते हैं, जिसके लिये मॉड्यूल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 34 पंचायत में पुरुषों के साथ भी सत्र ले रहे हैं, ताकि पुरुष भी अपने बेटियों, बहनो के लिए सोचे और उनको आगे आने का मौका दे। उन्होंने बताया कि उमंग लड़कियों को खेल के माध्यम से भी आगे लाने का प्रयास कर रही है, जिसके तहत फुटबॉल भी किशोरी समूह खेल रही हैं।
साथी के कालेश्वर मंडल ने कहा कि उमंग के तहत क्षेत्र में उजाले की ओर , बिटिया की दौड़ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी समाज को जागरूक करने का काम किया जा रहा है।
कार्यशाल के अंत मे युवा क्लब के द्वारा एक कार्य योजना भी तैयार किया गया। कार्यक्रम में युवा क्लब के दर्जनों युवा साथी और उमंग के समन्वयक नेहा सरकार, प्रखंड समन्वयक विभाष चन्द्र सहित गोड्डा प्रखंड की पूरी टीम मौजूद थी।