गुमला जिले में अब तक 59694 लोगों का स्टैम्पिंग किया गया

बसंत कुमार गुप्ता

गुमला. वैश्विक महामारी घोषित नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर देशव्यापी अनलॉक-01 की अवधि 01 जून से 30 जून 2020 तक निर्धारित की गई है।

गुमला जिले में लॉकडाउन अवधि के दौरान तथा अनलॉक-01 के बीच में बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों से प्रवासी श्रमिकों का आगमन हो रहा है। प्रवासी श्रमिकों को उनके स्वास्थ्य जाँच के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा इंस्टिट्यूशनल क्वारनटाईन तथा होम क्वारनटाईन में रखा जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 जून तक जिले में स्थापित जिला स्तरीय क्वारनटाईन सेंटर में शून्य, प्रखंड स्तरीय 23 क्वारनटाईन सेंटरों में 139 तथा पंचायत स्तरीय 122 क्वारनटाइन सेंटरों में 662 लोगों को इंस्टिट्यूशनल क्वारनटाईन में रखा गया है।

जिले के विभिन्न प्रखंडों में बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वारनटाईन में भी रखा गया है। बसिया प्रखंड में 100, भरनो में 6970, बिशुनपुर में 1096, चैनपुर में 479, डुमरी में 283, घाघरा में 7218, गुमला सदर में शून्य, कामडारा में 1693, पालकोट में 348, रायडीह में 842, सिसई में 2348, गुमला शहरी क्षेत्र (नगर परिषद) में 32 तथा नगर भवन में 3938 लोगों को होम क्वारनटाईन में रखा गया है। जिले में 26 जून तक कुल 25347 लोगों को होम क्वारनटाईन में रखा गया है। होम क्वारनटाईन में आवासित व्यक्तियों को मास्क पहनने तथा सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जिले में अबतक (26 जून 2020) कुल 59694 लोगों को स्टैम्पिंग किया गया है। इसके साथ ही होम क्वारनटाईन में रखे गए लोगों को सूखा राशन भी उपलब्ध कराया गया है, जबकि इंस्टिट्यूशनल क्वारनटाईन में रखे गए लोगों को जिला प्रशासन के द्वारा जलपान एवं भोजन नियमित रूप से दिया जा रहा है।

ज्ञातव्य है कि गुमला जिले में 26 जून तक देश के विभिन्न राज्यों एवं विभिन्न जिलों से कुल 59694 प्रवासी श्रमिकों/ छात्र-छात्रा/ पर्यटकों का आगमन हो चुका है। इसमें से गुमला जिले के स्थायी निवासी प्रवासी श्रमिकों में से 801 लोगों को इंस्टिट्यूशनल क्वारनटाईन में तथा 25347 लोगों को होम क्वारनटाईन में रखा गया है। शेष 33546 प्रवासी श्रमिकों को जिला प्रशासन द्वारा गुमला जिले से उनके गृह जिलों में भेजा गया है।