स्वस्थ व्यक्ति तथा होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीज अनावश्यक अपने घरों से बाहर न निकलें : उपायुक्त

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को नियंत्रित करने हेतु जिले के पुगु ग्राम पंचायत में होगी पंचायत आरटीपीसीआर जांच केंद्र की अधिष्ठापना

: राज्य सरकार द्वारा दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर ही जिले में 01 मई से 18-44 वर्ष के लाभार्थियों के टीकाकरण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा- उपायुक्त

सदर अस्पताल में निर्बाध ऑक्सिजन सुविधा बहाल करने हेतु पाईपलाईन बिछाने का कार्य अपने चरम पर

गुमला : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार के रोकथाम एवं नियंत्रण के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा गुमला जिलांतर्गत पंचायत आरटीपीसीआर जांच केंद्र के अधिष्ठापन हेतु आदेश प्राप्त हुआ है। उक्त के आलोक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने सदर प्रखंड के पुगु पंचायत के पंचायत प्रशिक्षण केंद्र में पंचायत आरटीपीसीआर जांच केंद्र के अधिष्ठापन के कार्य प्रारंभ होने की जानकारी साझा की।

उपायुक्त ने सर्वप्रथम गुमला जिलेवासियों से कोरोना काल के दौरान अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की।

उपायुक्त ने जिले के सभी 12 प्रखंडों में कुल 32 सरकारी एवं गैर सरकारी एम्बुलेंस के उपलब्ध होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी 32 एम्बुलेंस क्रियाशील हैं। वर्तमान में जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों को उनके घरों से अस्पताल तक पहुंचाने का कार्य एम्बुलेंस के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील किया है कि किसी भी व्यक्ति को एम्बुलेंस की आवश्यकता होने पर संपर्क संख्या 108 पर डायल कर सरकारी एम्बुलेंस तथा निजी अस्पतालों से संपर्क कर गैर सरकारी एम्बुलेंस की सेवा प्राप्त कर सकते हैं।

उपायुक्त ने ऑक्सिजन युक्त बेडों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में जिले में 111 ऑक्सिजन युक्त बेड उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 200 ऑक्सिजन सिलिंडरों के लिए निविदा का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि 200 में से 75 सिलिंडरों की आपूर्ति 01 मई तक जिले में कर दी जाएगी तथा शेष 125 सिलिंडरों की आपूर्ति एक सप्ताह के अंदर किए जाने की जानकारी दी। इस प्रकार जिले में कोरोना संक्रमण से पीड़ित गंभीर मरीजों के समुचित ईलाज हेतु कुल 311 ऑक्सिजन युक्त बेड की सुविधा बहाल की जाएगी।

उपायुक्त ने बताया कि सदर अस्पताल में कोरोना संक्रमण से प्रभावित गंभीर मरीजों के उच्चतम ईलाज हेतु निर्बाध ऑक्सिजन की सुविधा बहाल करने के उद्देश्य से पाईपलाईन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अबतक सदर अस्पताल में 05 जम्बो ऑक्सिजन सिलिंडरों को अधिष्ठापित कर दिया गया है तथा अगले 10 दिनों के अंदर पाईपलाईन बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पाईपलाईन का कार्य संपन्न होने से जिला कोविड अस्पताल के लगभग 45 ऑक्सिजन युक्त बेडों को निर्बाध ऑक्सिजन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

उपायुक्त ने बताया कि गुमला जिला के 12 प्रखंडों के 22 गाँव ऐसे हैं जहाँ लगातार 10-100 की संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। ये 22 गाँव मुख्य रूप से सदर प्रखंड, बसिया, घाघरा, सिसई, रायडीह, पालकोट, डुमरी एवं बिशुनपुर प्रखंडों में अवस्थित हैं।उक्त गाँवों में कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से रैपिड ऐंटिजेन टेस्ट के माध्यम से विशेष जाँच अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों का कोरोना जाँच सुनिश्चित किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने बताया कि उक्त अभियान में जाँच के साथ-साथ कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी किया जाएगा।

उपायुक्त ने होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 29 अप्रैल 2021 तक जिले में होम आईसोलेशन अंतर्गत रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1757 थी। जिसमें से 1449 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहिया के माध्यम से उनके घर-घर जाकर मेडिकल किट वितरित कर दिया गया है। जबकि शेष मरीजों को अगले दो दिनों के अंदर मेडिकल किट उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि होम आईसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों के घरों से बाहर निकलने तथा सामान्य तौर पर सार्वजनिक स्थलों में घूमने-फिरने की शिकायत प्राप्त हो रही है। इस परिस्थिति को दृष्टिपथ करते हुए उन्होंने सभी होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों से अपील किया है कि वे अपने-अपने घरों में ही रहें। घरों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। उन्होंने होम आईशोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को जबतक उनका दूसरा टेस्ट नेगेटिव न आ जाए तबतक अपने घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी। साथ ही उन्होंने निरीक्षण के दौरान ऐसे मरीजों के सार्वजनिक स्थानों में पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

आगामी 01 मई 2021 से सभी 18-44 वर्ष के लाभार्थियों के लिए चलाए जाने वाले विशेष टीकाकरण अभियान की जानकारी साझा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि टीकाकरण के संबंध में राज्य सरकार द्वारा दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर ही जिले में टीकाकरण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

उपायुक्त ने 29 अप्रैल 2021 तक ट्रूनेट, आरटीपीसीआर तथा रैट के माध्यम से कुल 26080 कोरोना जाँच किए जाने की जानकारी दी। कोरोना संक्रमण से होने वाले मृत्यु दर की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पूरे झारखंड राज्य में कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों के आंकड़ों के अनुसार गुमला जिला 22 वें स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण से होने वाले मृत्यु दर 0.44 प्रतिशत है।

विगत दिनों डुमरी प्रखंड के 02-03 चिकित्सकों द्वारा कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के ईलाज में अनियमितता एवं अस्पताल में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए जाने को उपायुक्त ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित चिकित्सकों का वेतन स्थगित करते हुए उनपर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सिविल सर्जन द्वारा सदर अस्पताल गुमला में कार्यरत एक लैब टेक्निशियिन के अस्पताल में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने की शिकायत पर उपायुक्त ने संबंधित लैब टेक्निशियन के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।