एचईसी मजदूर संघ ने केन्द्र सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

रांची: एचईसी मजदूर संघ (BMS) एचईसी मुख्यालय के समक्ष केन्द्र सरकार का मजदूर विरोधी नीति एवम PSU को निजीकरण, विनिवेश , मुद्रीकरण करने का घोर विरोध किया। सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष जीतू लोहरा ने कहा सरकार आम जनता को रोजी रोजगार देने के बजाय रोजगार छीनने का काम कर रही है ।
अगर आज कल कारखाने बंद हो गया तो करोड़ों की संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएगा और करोड़ों परिवार को भूखा मरने की नौबत आ जाएगी। भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष एस एन सिंह, एवं संगठन मंत्री बृजेश कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए जो कारखाना बीमार हो गया उसे उपचार कर दुरुस्त करें ताकि उत्पादन और रोजगार बढ़ेगा। सरकार नया नया उद्योग लगाएं , सरकार पब्लिक सेक्टर को बेचना बंद करें , पुराने उद्योग को आधुनिकीकरण करके मेक इन इंडिया मे लगाएं । उद्योगों को बंद करना या निजी करण करना तो सबसे आसान काम है इन उद्योगों को बचाना और इन्हें बाकी उद्योगों के प्रतिस्पर्धा में लाना ही हमारे द्वारा चुनी गई प्रतिनिधियों एवं सरकार का काम होना चाहिए। जीतू लोहरा ने एचईसी प्रबंधन से मांग किया कि दीपावली से पहले वेतन तथा बोनस का भुगतान करे ।
संघ के महामंत्री रामा शंकर प्रसाद ने कहा उधर केंद्र सरकार PSU के प्रति गलत निगाह रखी हुई है उसी का फायदा उठाते हुए एचईसी प्रबंधन यहां के कामगारों को दमनकारी नीति से शोषण कर रही है ।
कर्मचारियों का 6 महीना से वेतन ना देकर भुखमरी की नौबत ला दी है। मजदूरों को करोना काल में कैंटीन को बंद करके कैंटीन भत्ता दे रहे थे ,उसे भी एचईसी प्रबंधन बिना कैंटीन चालू किए केंटीन भत्ता देना बंद कर दिया , प्रसाद ने कहा एचईसी प्रबन्धन अपनी दमनकारी नीति को छोड़ें , मजदूरों का 1/1/ 2017 से बकाया वेतन रीविजन पर वार्ता शुरू करें एवं जल्द से जल्द पेरिविजन करें ।
महामंत्री रामा शंकर ने कहा अभी क्वार्टर एरिया में शुद्ध पेयजल के लिए जुडको द्वारा पाइप लाइन बिछाया गया है, लेकिन पानी का कनेक्शन सिर्फ उसी को दिया जा रहा है जो क्वार्टर खरीद लिए हैं जो क्वार्टर लीज में नहीं है उसे पानी कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। इस विषय पर प्रबंधन जुङको वाले से बात करे और अपने कर्मचारियों को लाभान्वित करें । आज की इस प्रदर्शन में में भारी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया और गर्मजोशी के साथ केंद्र सरकार एवं प्रबंधन का विरोध किया।