सर्वसुलभ चिकित्सा पद्धति है होम्योपैथी: होम्योपैथी चिकित्सा के जनक डॉक्टर हैनिमैन की मनाई गई जयंती

– होम्योपैथिक कॉलेज एवं अस्पताल पथरगामा में स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया डॉ हैनिमैन की प्रतिमा का अनावरण
अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा: होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ हैनिमैन को जयंती तिथि पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया। पथरगामा प्रखंड के परसपानी में स्थित होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डॉ हैनिमैन की प्रतिमा का अनावरण झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया ‌।
होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ हैनिमैन की जयंती के अवसर पर राजकीय होमियोपैथी महाविद्यालय एवं अस्पताल, परसपानी में डॉ हैनिमैन की प्रतिमा का अनावरण किया गया। झारखंड के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बन्ना गुप्ता ने रांची से डा हैनिमैन प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण किया। साथ ही स्वास्थय मंत्री ने महाविद्यालय के वेबसाइट का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया।
महाविद्यालय परिसर में डा हैनीमैन की संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई है। प्राचार्य डा आईडी दास ने बताया  कि प्रतिमा अनावरण के लिए स्वास्थ्य मंत्री का आगमन होना था। लेकिन अति व्यस्तता के कारण नहीं आ सके। कहा कि होमियोपैथी के जन्मदाता डा हैनिमैन के जन्म दिन को विश्व होमियोपैथी दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व में होमियोपैथी के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान है। इस  मौके पर डा मनोज साह, डॉ सुबोध कुमार, डॉ देवेश कुमार, डॉ मिथलेश, डॉ सौरव, डॉ रंजीता, डॉ राजीव, डॉ कौशलेंद्र, डॉ पुरुषोत्तम, डॉ मुकेश , डॉ अभिषेक के अलावा छात्र सिकंदर, अमृता, अतुल, कविता, प्रवीण, अनमोल, मितेश, माधुरी, आकांक्षा, मेघा, तौसीफ, सरफराज, अरशद, विपसा, सोनू, आदि मौजूद थे।
जिला मुख्यालय स्थित वरिष्ठ हौमियोपैथिक चिकित्सक डाॅ श्रीधर महतो के लोहियानगर स्थित क्लीनिक में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक महात्मा हैनिमेन के चित्र पर माल्यार्पण कर जयंती मनाई गई । मौके पर शहर के सभी प्रमुख होम्योपैथी चिकित्सक मौजूद थे।उपस्थित डाक्टरों ने एक स्वर में कहा कि हौमियोपैथ एक सरल चिकित्सा पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति का आविष्कार जर्मनी के रहने वाले एमडी डिग्री प्राप्त डाॅ हैनिमेन ने किया था,जो खुद एलोपैथी के डाॅक्टर थे। एलोपैथ के साइड इफेक्ट जैसे खामियों को दूर करने के लिए उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का आविष्कार किया, जो सर्वसुलभ चिकित्सा पद्धति है। इस मौके पर हौमियो चिकित्सक डाॅ निकहत अली ने कहा कि महात्मा हैनिमेन का जन्म 10 अप्रैल 1755 को जर्मनी के साधारण परिवार में हुआ था । इसलिए इसी दिन को हौमियोपैथ डाक्टर विश्व हौमियोपैथ दिवस के रूप में मनाते हैं। डाॅ राहुल कुमार सिफिल ने कहा कि कोरोना सहित सभी बीमारियों का इलाज हौमियोपैथ में है। मौके पर वरिष्ठ हौमियोपैथ चिकित्सक डाॅ श्रीधर महतो, डाॅ जी अली, डाॅ निकहत, डाॅ पीके झा, पूर्व नगर अध्यक्ष अजीत सिंह, विनोद सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार विद्यार्थी , रहीम खान आदि मौजूद थे।