विभागीय लापरवाही के कारण मयूरहंड में सैकड़ों क्विंटल धान पानी में डूबे

एफसीआई धान अधिसप्राप्ति केंद के बाहर जमा हुआ पानी, किसानों के रखे धान डूबे
मयूरहंड(चतरा)निरेश कुमार सिंह। जिले के मयूरहंड प्रखंड परिसर में एफसीओ के बने धान अधिप्राप्ती केंद्र के बाहर खुले में रखा धान प्रशासनिक उदासीनता के कारण दो दिनों के बारिश में भींगने के साथ जमा पानी में डुब गए हैं। ऐसे में परिसर में रखा किसानों का धान अब पानी में फुल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार किसानों से धान भरे बोरे विभाग द्वारा एसएमएस मिलने के बाद केंद्र लेकर पहुंचे थे दो माह पूर्व लेकिन गोदाम में जगह नही रहने की बात कह कर बाहर रखने को कहा गया और किसानों ने धान रख दिया था। किसानों ने फरवरी माह से धान की रखवाली कर सरकारी बाबुओं से घान लेने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन किसानों की किसी ने नही सुनी और आज हालात सभी के सामने हैं। ऐसे में स्वाल उठता है कि परिसार के बाहर रखे धान के नष्ट होने का जिम्मेवार आखिर कौन है। किसके सह पर संबंधित पदाधिाकरी ने इतना बडा दुस्साहस किया और इतने बड़े मात्रा में धन को नष्ट करवाने में अहम भूमिका निभाई। किसानों ने प्रखंड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तब जाकर जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार यादव ने किसानों को आश्वस्त किया था कि परिसर में रखा धान सभी उठा लिया जाएगा। लेकिन आज सच्चाई सामने है किसानों का धान पानी में फुल रहा है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण मयूरहंड में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधा जैसे बोरा और मजदूर का लाभ वैसे किसानों ने उठाया जो एक क्विंटल धान उपजाया नही। इमानदारी से वरीय अधिकारी अगर जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी। दस पंचायतों वाले इस प्रखंड में खेती योग्य भूमि के क्षमता से दस गुना ज्यादा जिम्मेदार बाबुओं द्वारा धान अधिप्राप्ति कर ली गई है। इसके बावजूद खुन पसीना बहाकर उपजाने वाले क्षेत्र के किसानों का धान खुले मैदान में फुल रहा है।

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