स्कूलों को अनलॉक करे सरकार नहीं तो होगा आंदोलन

– प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक में की गई स्कूलों को खोलने की मांग
अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा: वाणी में पीड़ा के साथ आक्रोश भी छलक रहा था। सरकार की संवेदनहीनता पर शब्दवाण चल रहे थे। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर प्रहार किया जा रहा था। शिक्षकों की माली स्थिति एवं छात्रों की शैक्षणिक स्थिति का बखान किया जा रहा था। सरकार की कुंभकर्णी निद्रा भंग करने के लिए आंदोलन की हुंकार भरी जा रही थी। यह नजारा था जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की शनिवार को संपन्न बैठक का।
दरअसल, कोरोना के कारण पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बंदी का सामना कर रहे प्राइवेट स्कूल संचालकों के सब्र का पैमाना छलकता जा रहा है। कोरोना की बेलगाम रफ्तार पर ब्रेक लगने के बाद राज्य सरकार द्वारा अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन सरकारी या प्राइवेट स्कूलों के प्रति सरकार चुप्पी साधे हुई है। इसके कारण प्राइवेट स्कूल के संचालकों एवं शिक्षकों में आक्रोश गहराता जा रहा है। अपनी समस्याओं के प्रति सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए शनिवार को शहर के प्रतिष्ठित भारत भारती पब्लिक स्कूल में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक हुई। प्रोफेसर प्रेम नंदन कुमार की अध्यक्षता में आहूत बैठक में आंदोलनात्मक रणनीति पर मंथन किया गया।
बैठक में गोड्डा जिले के कुल 30 प्राइवेट विद्यालयों के निदेशक या प्राचार्य ने भाग लिया। बैठक में प्रस्ताव पारित कर मांग की गई थी जिस प्रकार अनलॉक की प्रक्रिया सभी क्षेत्रों में हुई, उसी प्रकार विद्यालयों में भी अनलॉक की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि 17 महीनों से बंद विद्यालयों के बच्चों का पठन-पाठन प्रारंभ हो सके। उनसे जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के परिवारों का जीवन निर्वाह हो सके।
बैठक में कई वक्ताओं ने कहा कि सरकार की उपेक्षा से परेशान कई शिक्षक और विद्यालय के प्रबंधक आम और सब्जी बेचने को मजबूर हुए हैं। राष्ट्र निर्माता की यह दुर्दशा समाज और राष्ट्र के लिए काफी कष्ट कारक है। निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के कुछ उप नियम विद्यालय को मान्यता प्रदान करने हेतु राज्य सरकार द्वारा बनाए गए हैं। उसका परिपालन संताल परगना क्षेत्र में असंभव है। क्योंकि इसमें स्पष्ट कहा गया है विद्यालय की भूमि निबंधित हो और निबंधक के यहां से सर्टिफिकेट प्राप्त कर उसे संलग्न करें, जो संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम 1949 के रहते हुए संभव नहीं है। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने कहा कि सरकार को इस उप नियम को शिथिल करना चाहिए।
क्योंकि गोड्डा जिले में जो मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं जिन्होंने येन केन प्रकारेण मान्यता हासिल की है। उनको बीपीएल बच्चों के पढ़ाई के बदले में प्रतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराई जाती है, जबकि अन्य विद्यालयों को मान्यता नहीं मिलने के नाम पर यह राशि नहीं दी जाती है। जिले के180 प्राइवेट विद्यालयों में से अधिकांश ने मान्यता हेतु जिला शिक्षा अधीक्षक से अग्रसारित कराकर आवेदन निदेशक को दिया। लेकिन मात्र तीन विद्यालयों संत माइकल एंग्लो विद्यालय महागामा, बेथेल मिशन स्कूल गोड्डा, माउंट एसीसी स्कूल पोड़ैयाहाट को छोड़कर किसी को मान्यता नहीं दी गई। जबकि मान्यता प्राप्त तीनों विद्यालय अन्य विद्यालयों की तरह रैयती जमीन पर अवस्थित है। नियमों को ताक पर रखकर अंचलाधिकारी ने या तो नामांतरण कर दिया या लीज कर दिया। प्राइवेट विद्यालयों के संगठन ने सरकार के सभी प्लेटफार्म पर यह मुद्दा उठाया। पिछले दो वर्षों से संघर्ष जारी है। झारखंड सरकार के विशेष सचिव ने एसोसिएशन के पत्र पर संज्ञान लेते हुए तीनों विद्यालयों की जांच का जिम्मा आयुक्त संताल परगना दुमका को सौंपा है। एसोसिएशन की मांग की है कि या तो इन तीनों विद्यालयों के मान्यता को निरस्त किया जाए या फिर इसी आधार पर गोड्डा जिले के यू डायस आवंटित सभी विद्यालयों को मान्यता दी जाए। इनमें से एक विद्यालय का कारनामा यह है की मालगुजारी 5 रुपए नहीं रहने के कारण नामांतरण का अनुरोध किया और सीओ ने एक ही जमीन का नामांतरण विद्यालय के नाम कर दिया।
झारखंड सरकार के मान्यता को आधार बनाकर संत माइकल एंग्लो विद्यालय महागामा और बेथेल मिशन स्कूल गोड्डा ने सीबीएससी से 12वीं तक की मान्यता प्राप्त कर लिया। इसमें सीबीएसई नेअपने ही नियमावली की धज्जियां उड़ा दी। बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि इस बड़े स्कैम का प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन सीबीआई जांच की मांग करता है।
बैठक में ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल गोड्डा के समीर दुबे, मधुस्थली स्कूल गोड्डा , नव प्रभात मिशन स्कूल गोड्डा, डॉन बॉस्को स्कूल गोड्डा, विवेकानंद मिशन स्कूल गांधीग्राम, संकल्प पब्लिक स्कूल ,आर्य किड्स पब्लिक स्कूल गोड्डा, दिशा पब्लिक स्कूल गोड्डा , वीणा भारती स्कूल पोड़ैयाहाट, यूनिक पब्लिक स्कूल पोड़ैयाहाट , किड्स पब्लिक स्कूल गोड्डा ,सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, संत जोसेफ स्कूल गोड्डा, वीआईपी स्कूल गोड्डा ,टेंडर हार्ट स्कूल गोड्डा, सर्वोदय विद्यापीठ ललमटिया, सिद्धू कानू आदर्श विद्यालय ललमटिया ,एसडीएन स्कूल, आदर्श पब्लिक स्कूल गुलजारबाग, सुधा किड्स स्कूल गोड्डा, संस्कार भारती पब्लिक स्कूल गोड्डा, भारत भारती पब्लिक स्कूल गोड्डा ,जामिया मिलिया इस्लामिया गोड्डा के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक को एसोसिएशन के अध्यक्ष समीर दुबे ,संरक्षक प्रलय कुमार सिंह, विवेकानंद मिशन स्कूल के अरविंद कुमार, संत मेही संकल्प पब्लिक स्कूल के जवाहर यादव , किड्स स्टार पब्लिक स्कूल के दिलीप कुमार, मधु स्थली पब्लिक स्कूल के राजेश कुमार, नवप्रभात मिशन स्कूल के प्रेम नंदन मंडल आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने प्राइवेट स्कूलों की पीड़ा को साझा किया और अभिभावकों से भी अनुरोध किया कि अपने बच्चों के विद्यालयों को बचाने के लिए आगे आएं। मंच संचालन डॉन बॉस्को स्कूल के अमित राय ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि आगामी 16 तारीख को उपायुक्त को विद्यालय अनलॉक करने के लिए ज्ञापन दिया जाएगा । निशुल्क एवं बाल शिक्षा संरक्षण अधिनियम के कठोर नियमावली के कुछ नियमों को विलोपित करने के लिए विधायकों पर दबाव बनाया जाएगा, ताकि वह विधानसभा में अपनी बात रख सकें और अपने क्षेत्र के विद्यालयों और बच्चों का भला कर सके। अध्यक्षीय भाषण में प्रेम नंदन कुमार ने आंदोलन की हुंकार भरते हुए कहा कि जिले में 180 निजी विद्यालय हैं। शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र मानव श्रृंखला बनाकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कर सकते हैं।