कोरोना से किसी परिवार के मुख्य उपार्जक की हुई है मौत, तो सरकार देगी ऋन

कोरोना से परिवार के मुख उपार्जक की मृत्यु पर जीविकोपार्जन हेतु स्माइल योजना के तहत दिया जाएगा ऋण

बोकारो से जय सिन्हा
बोकारो: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कोविड-19 से मृत असंगठित क्षेत्रों के अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के ऐसे परिवार जिनके मुख उपार्जक की मृत्यु कोरोना से हो गई है। उन्हें स्माइल (SMILE) योजना के तहत गरीब परिवार को क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी से जोड़कर जीविकोपार्जन हेतु ऋण दिया जाएगा। ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम ने उक्त योजना प्रारंभ की है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को जीविकोपार्जन के लिए स्वरोजगार गतिविधियां हेतु अधिकतम 500000 तक के नेशनल बैकवर्ड क्लासेस फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन नई दिल्ली के सॉफ्ट लोन योजना से संबद्ध कर अनुदान स्वरूप 20% अथवा अधिकतम 100000 उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत 300000 तक के वार्षिक आय वाले पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों जिनका उम्र 18 से 60 वर्ष आयुवर्ग वाले मुख उपार्जक सदस्य की मृत्यु कोविड के कारण हुई है को क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी के अंतर्गत सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

जिला कल्याण पदाधिकारी रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि उक्त योजनाओं का लाभ ऐसे परिवारों को मिलेगा जिनके कमाऊ मुख उपार्जक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण के कारण हुई हो। इसके तहत योजना की प्रति इकाई लागत पांच लाख रुपये और अनुदान राशि 20 प्रतिशत या अधिकतम एक लाख रुपये तक जो भी कम हो, प्रावधान किया गया है। आवेदक मृतक का निकट रिश्तेदार होना चाहिये, जो परिवार का पालन पोषण करेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए पात्रता का निर्धारण किया गया है। आवेदक को अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग से होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक पारिवारिक आय तीन लाख रुपये तक होनी चाहिए।
जिला कल्याण पदाधिकारी रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि अंचल कार्यालय को सूची उपलब्ध करा दी गयी है उक्त परिवारों से अनुरोध है कि यथाशीघ्र अपने कागजातों का भौतिक सत्यापन करा लें l ताकि समय पर विभाग को प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा सके।