प्रशिक्षण में जैविक खेती की दी गई जानकारी

गोड्डा: ग्रामीण विकास ट्रस्ट-कृषि विज्ञान केंद्र,गोड्डा के सभागार में खाद विक्रेताओं के लिए “समेकित पोषण प्रबंधन” विषय पर आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा किसान सभा कार्यक्रम के दौरान सोमवार को इफको के एरिया मैनेजर विजय कुमार गुप्ता ने खाद तैयार करने वाली सहकारी संस्था इफको के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जैव तरल एजोटोबैक्टर की प्रयोग विधि एवं फसलों पर पड़ने वाले प्रभाव पर विस्तारपूर्वक बताया।
कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ रितेश दुबे ने जैविक खेती की परिभाषा, जैविक खेती के प्राथमिक स्रोत, पूरक स्रोत, प्रतिबंधित पदार्थ, जैविक खेती से फसलों में होने वाले लाभ, जैविक खेती में जैव उर्वरकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत तैयार करने की विधि, बीज उपचार एवं फसलों में प्रयोग से उपज में होने वाले लाभ पर विस्तृत जानकारी दी।
उद्यान वैज्ञानिक डाॅ हेमन्त कुमार चौरसिया ने वेस्ट डीकम्पोजर का घोल तैयार करने की विधि, जैविक खाद तथा फसलों पर छिड़काव करने के विषय में विस्तारपूर्वक बताया।
फार्म मैनेजर राकेश रोशन कुमार सिंह ने असली रासायनिक उर्वरकों को पहचानने की घरेलू विधि पर आधारित फिल्म खाद विक्रेताओं को दिखाया। सभी खाद विक्रेताओं को तरल जैव उर्वरक एजोटोबैक्टर की शीशी वितरित किया गया। रीता देवी, पुतुल देवी, निक्की कुमारी, चंदा कुमारी,सुलेखा देवी, रेणु मरांडी, रितेश रिंकू, दीपक कुमार सुमन, संजय कुमार, पप्पू कुमार साह आदि प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।