आयुक्त छतरपुर सीओ पर आरोप पत्र गठित करने का दिया निदेश

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट
गढ़वा : पलामू आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने पलामू उपायुक्त को छतरपुर के अंचल अधिकारी पर आरोप पत्र गठित करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निदेश दिया है, ताकि उनके खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए विभाग को प्रतिवेदित किया जा सके।
छतरपुर अंचल अधिकारी के संबंध में आयुक्त ने कहा है कि अंचल अधिकारी आयुक्त स्तर के पदाधिकारी के निरीक्षण को गंभीरता से नहीं लेते हैं। आयुक्त ने 10 अगस्त 2021 को छतरपुर के अंचल कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसके पूर्व नियमानुसार निरीक्षण टिपप्णी की मांग की गई थी। अंचल अधिकारी द्वारा एक सतही एवं आधा-अधूरा निरीक्षण टिप्पणी आयुक्त को सीधे संबोधित कर उपलब्ध कराया गया, जबकि निरीक्षण टिप्पणी संपूर्ण रूप से तैयार कर उपायुक्त के माध्यम से आनी चाहिए थी, ताकि तैयार किए गए निरीक्षण टिप्पणी को उपायुक्त द्वारा अवलोकन करते हुए आवश्यक सुधार कर संपूर्ण निरीक्षण टिप्पणी उपलब्ध कराया जाता। ऐसा नहीं होने पर 3 दिनों के अंदर अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया था, जो अप्राप्त है।

आयुक्त ने कहा है कि निरीक्षण के दिन 10 अगस्त को जब वे छतरपुर अंचल कार्यालय पहुंचे, तो अंचल अधिकारी द्वारा सीधे पूर्व में प्रेषित निरीक्षण टिप्पणी ही उपस्थापित की गई। निदेश के बावजूद भी निरीक्षण टिप्पणी को व्यवस्थित करने का कोई प्रयास नहीं किया गया था, जबकि आयुक्त स्तर के पदाधिकारी के निरीक्षण के पूर्व जिले में पदस्थापित वरीय पदाधिकारी के द्वारा निरीक्षण व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने एवं निरीक्षण की पूर्ण तैयारी कर निरीक्षण टिप्पणी तैयार कराया जाना चाहिए था। आयुक्त ने कहा है कि निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता एवं छतरपुर अनुमंडल पदाधिकारी भी उपस्थित थे। निरीक्षण की कार्रवाई प्रारंभ होने पर कई अभिलेख/दस्तावेज एवं पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया। निरीक्षण के दौरान जिन दस्तावेजों एवं संचिकाओं को अंचल अधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया, उसकी बिंदुवार उल्लेख आयुक्त ने उपायुक्त को निदेशित पत्र में किया है। अभिलेख/ दस्तावेज/ पंजी उपलब्ध नहीं होने के कारण अंचल कार्यालय का संपूर्ण निरीक्षण नहीं किया जा सका।

आयुक्त ने निरीक्षण हेतु तैयारी व्यवस्था के संबंध में असंतोष प्रकट करते हुए आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही पलामू के अपर समाहर्ता को 1 सप्ताह के अंदर प्रतिनियुक्त कर पत्र में उल्लेखित बिंदुओं सहित अंचल कार्यालय के संचालन एवं अन्य गतिविधियों के पूर्ण निरीक्षण कराते हुए आयुक्त कार्यालय को अपने माध्यम से निरीक्षण टिप्पणी उपलब्ध कराने का निदेश दिया है। साथ ही अंचल अधिकारी द्वारा आयुक्त से सीधे पत्राचार करने, सतही एवं आधा-अधूरा निरीक्षण टिप्पणी तैयार कर भ्रमित करने के लिए निरीक्षण टिप्पणी में है गलत सूचना उपलब्ध कराया गया। निदेश के बावजूद भी निरीक्षण टिप्पणी त्रुटि रहित नहीं बनाने, निरीक्षण की समुचित व्यवस्था नहीं करने तथा आयुक्त स्तर के पदाधिकारी के निरीक्षण को गंभीरता से नहीं लेने के संबंध में आरोप पत्र गठित कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए विभाग को प्रतिवेदन किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से इन अभिलेखों/ दस्तावेजों/ पंजियों को नहीं कराया गया उपलब्ध

आयुक्त ने उपायुक्त को दिए निदेश में कहा है कि निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी द्वारा रक्षित संचिका उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं आगत- निर्गत पंजी का ठीक से संधारण नहीं किया गया था। आगत- पंजी से पत्रों की मांग करने पर भी उपलब्ध नहीं कराया गया। एक भी कर्मचारी का कर्म पुस्तिका उपलब्ध नहीं कराई गई। अतिवृष्टि से मकान क्षति संबंधी अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराया गया। वज्रपात से हुए नुकसान क्षति संबंधी भी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा कई अभिलेख/ दस्तावेज/ पंजी उपलब्ध नहीं कराए गए। उपायुक्त पलामू द्वारा वर्ष 2017 में किए गए निरीक्षण का अनुपालन 2 दिनों में दिखाया गया था, जो संदेहास्पद है। इस तरह से अंचलाधिकारी ने भ्रमित करने के लिए गलत सूचना उपलब्ध कराई है।
आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान अन्य कई अभिलेख/संचिका/दस्तावेजों की मांग की गई थी, जिसे अंचल अधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया था।