महागामा अस्पताल के निर्माण में बरती जा रही अनियमितता: कांग्रेस

– अदानी कंपनी के सीएसआर मद से हो रहा अस्पताल भवन का निर्माण
जावेद अख्तर की रिपोर्ट
हनवारा: कांग्रेस नेताओं ने महागामा में बन रहे अस्पताल भवन के निर्माण में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया है। उपायुक्त से जांच कराने एवं दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई है।
मालूम हो कि अदानी कंपनी के सीएसआर मद से महागामा में अस्पताल भवन निर्माण कराया जा रहा है। निर्माणाधीन अस्पताल का मुआयना कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष इरफान काजी और कांग्रेस के कार्यालय प्रभारी बिपिन बिहारी सिंह ने संयुक्त रुप से किया। निरीक्षण के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने भवन निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया है कि संवेदक के द्वारा प्राक्कलन के विरुद्ध कार्य किया जा रहा। कहा कि मिक्सर मशीन एवं वाइब्रेशन मशीन के बगैर ढलाई का कार्य किया जा रहा है। पीलर और टाई बीम की ढलाई में भी वाइब्रेशन मशीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। अनियमितता का आलम यह है कि 4 इंच ढलाई के जगह 3 इंच की जा रही है।
कार्यस्थल पर कंपनी का जेई नहीं रहने के कारण कार्य करा रहे संवेदक के मुंशी दीपक मंडल और सहयोगी मिस्त्री, श्रमिकों के द्वारा मनमाने ढंग से ढ़लाई का कार्य कराया जा रहा है। कंक्रीट मिश्रित मसाला में सीमेंट की मात्रा कम, बालू और गिट्टी की मात्रा अधिक पाए गए। मिश्रित सीमेंट, बालू और गिट्टी को देखने से मिश्रित मसाले में बालू ऊपर से ही दिख रहा था। इससे साफ जाहिर होता है कि कार्य में भारी गड़बड़ी की जा रही है।
आरोप लगाया कि भवन निर्माण कार्य में चिमनी ईट लगाने का प्रावधान है, लेकिन लोकल ईंट लगाया गया है। कार्यस्थल पर रखे ईंट को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है। ईंट बिल्कुल ही निम्न दर्जे की है।
जमीन ढ़लाई में 8 एमएम का सरिया लगाया गया है। एक सरिया से दूसरे सरिया की दूरी डेढ़ फीट की है। प्रखंड अध्यक्ष इरफान काजी ने कहा कि कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो बाध्य होकर आंदोलन किया जाएगा। अस्पताल निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कार्य स्थल पर मौजूद मुंशी दीपक से पूछे जाने पर बताया कि बीस बोरी सीमेंट का मसाला बनाया गया है। मिक्सचर मशीन उपलब्ध नहीं रहने के कारण मजदूरों के द्वारा मसाला तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल भवन निर्माण कार्य की जांच उपायुक्त भोर सिंह यादव से कराने की मांग की है।