जैक की लापरवाही से सानिया नाज का शैक्षणिक भविष्य दांव पर, सदमे में डूबी

नवम एवं मैट्रिक परीक्षा पंजीकरण का अंतिम दिन आज, पिता करेंगे मुकदमा
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: झारखंड अधिविध परिषद की लापरवाही के कारण वर्ग आठवीं की एक छात्रा का शैक्षणिक भविष्य दांव पर लग गया है. उसका 1 साल बर्बाद होने के कारण छात्रा सानिया नाज अब पढ़ाई से मुंह मोड़ने लगी है. जानकारी के मुताबिक विगत 24 जनवरी 2020 को आठवीं बोर्ड की परीक्षा जैक बोर्ड द्वारा ली गई थी. जिसमें शमसुज्जुहा की सुपुत्री सानिया नाज ने उर्दू टाउन बालक मध्य विद्यालय से परीक्षा में शामिल हुई थी. उसका परीक्षा केंद्र राजा नरपति सिंह उच्च विद्यालय चक्रधरपुर था. परीक्षा में सानिया नाज सम्मिलित और पूरे 300 अंकों की परीक्षा दी. हिंदी, इंग्लिश, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं उर्दू भाषा की परीक्षा में वह सम्मिलित हुई. परंतु जैक बोर्ड ने उन्हें अनुपस्थित दर्शाते हुए अनुत्तीर्ण कर दिया. विद्यालय द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद संशोधित परीक्षा परिणाम में भी उन्हें अनुपस्थित ही दर्शाया गया. सानिया के पिता शमसुद्दूहा जब उर्दू टाउन बालक मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कौसर परवीन और परीक्षा केंद्र रानी रसाल मंजरी उच्च विद्यालय के केंद्राधीक्षक से संपर्क किए तो दोनों ने लिखित रूप से यह प्रमाण दिये कि सानिया नाज परीक्षा में उपस्थित थी. जैक बोर्ड के सचिव को भी इसकी लिखित जानकारी उपलब्ध कराई गई. बावजूद इसके सानिया का परीक्षा परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ है. 29 जनवरी को वर्ग नवम का पंजीकरण की अंतिम तिथि है. यह पंजीकरण मैट्रिक के लिए भी मान्य होगा. लेकिन सानिया का परीक्षा परिणाम जारी नहीं होने के कारण वह अब पढ़ाई से रूचि लेना छोड़ दी है और सदमे में चली गई है. उसका एक साल बरबाज हो रहा है. वह अपने स्कूल की सबसे तेज छात्रा है. वर्ग सातवीं तक अपने वर्ग में प्रथम व द्वितीय स्थान हासिल करती आई है.

मैं मुकदमा दायर करूंगा : पिता

सानिया नाज के पिता शमसुज्जुहा का कहना है कि जैक बोर्ड व अन्य ने सानिया के शैक्षणिक जीवन से खिलवाड़ किया है. बेटी अब सदमे में चली गई है. पढ़ाई छूट जाने का उन्हें डर सता रहा है. अपने वर्ग में वह हमेशा प्रथम आती थी और उसका ही एक साल खराब कर दिया गया है. तेज और जहीन होने के बावजूद उसके शैक्षणिक भविष्य से जिसने भी खिलवाड़ किया है, उनके विरुद्ध मुकदमा दायर करेंगे. उन्होंने कहा कि जैक के सचिव का गूगल से मोबाइल नंबर निकाल कर सैकड़ों बार कॉल किया, लेकिन एक बार भी किसी ने उसे रिसीव नहीं किया. जैक में कार्यरत कर्मचारी नूर से संपर्क किया गया तो उन्होंने उर्दू टाउन उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद हसनैन आलम को मौखिक तौर पर वर्ग नवम में नामांकन लेने को कहा. परंतु हसनैन आलम ने आदेश की प्रति मांगा. अब तक आदेश की प्रति नहीं मिलने के कारण सानिया का नामांकन भी नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि परिणाम जारी होने के बाद जून महीने से ही मैं प्रयासरत रहा हूं, परंतु अब तक जैक एवं विद्यालय परिवार की ओर से सहयोग नहीं मिल पाया है. फलस्वरूप बच्ची का शैक्षणिक जीवन अंधकार में डूबता दिख रहा है.

विशेष तौर पर आवेदन सचिव के पास भेजा गया

जानकारी के मुताबिक विशेष आवेदन सानिया नाज के लिए सचिव जैक के पास भेजा गया है. जिसका केस संख्या 81/21 है. सानिया का रोल नंबर 520149-028 है. यदि सानिया का रिजल्ट क्लियर नहीं होता है तो उसे वर्ग नवम में अर्थात मैट्रिक की परीक्षा का रजिस्ट्रेशन कराने में दिक्कत आएगी और उसका पुरा एक साल बिना किसी गलती के ही खराब हो जाएगा. जिस कारण उसका पूरा परिवार सदमे में है.