जमीन विवाद का समाधान नहीं चाहता काॅलेज प्रशासन

रामगढ़ : रामगढ़ महाविद्यालय अपने आप स्थापना वर्ष 1960 से लेकर आज तक जमीन विवाद के चंगुल में थका हुआ है जिसके मुख्य कारण कोई और नहीं बल्कि महाविद्यालय प्रशासन खुद है अजीब सच्चाई यह है कि महाविद्यालय प्रशासन खुद नहीं चाहता है की जमीन का यह विवाद सुलझे पूर्व में महाविद्यालय से नेताओं ने अनियमितता पूर्वक अपने खास लोगों को रैयतों के बदले नौकरी दिलायी है।
कई और कारण हैं जिसके कारण जिले का एक मात्र सरकारी कॉलेज की जमीन 26 एकड से सिमट कर 11 एकड़ हो गयी है।
इसी गम्भीर समस्या को लेकर आज जिले के जागरुक युवाओं ने एक सर्वदलीय संगठनों के बैठक बुलायी और रामगढ महाविद्यालय के जमीन की समस्या को जड़ से खत्म करने के एक सूत्री लक्ष्य के लिये अहम निर्णय लिये।सर्व सम्मति से सभी प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियो को प्रतिनिधि बनाकर एक पन्द्रह सदस्यीय संयोजक टीम बनायी गयी और संयुक्त प्रयास के लिये “रामगढ महाविद्यालय बचाओ समिति” का गठन किया गया।
आगे के कारवाई के तहत कई योजनाओं और अन्दोलन की रुप रेखा तय हुई और किसी भी हाल मे कॉलेज की एक इन्च जमीन भू माफियाओ को ना देने का अन्तिम निर्णय हुआ।