जनहित में कोरोना जांच कराएं डीडीसी: प्रमुख

– मेहरमा प्रमुख ने कहा, बैठक में कोरोना संक्रमित नाजिर के संपर्क में आए थे डीडीसी
– की मांग, जांच रिपोर्ट तक बैठकों से परहेज करें डीडीसी

विजय कुमार की रिपोर्ट

मेहरमा: प्रखंड नाजिर के कोरोना संक्रमित होने के बाद रविवार से ही मेहरमा प्रखंड सह अंचल कार्यालय को सील कर दिया गया है। कार्यालय को सैनिटाइज किया गया है। तीन दिन से प्रखंड सह अंचल कार्यालय आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। कार्यालय में अंतिम सरकारी बैठक नाजिर के कोरोना संक्रमित रिपोर्ट आने से एक दिन पूर्व शनिवार को हुई थी। उप विकास आयुक्त सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई विकास संबंधी समीक्षात्मक बैठक में कोरोना संक्रमित नाजिर नाश्ते की प्लेट सर्व कर रहे थे।
प्रखंड की प्रमुख कुमारी दिलेश्वरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मेहरमा प्रखंड नाज़िर का कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद रविवार को नाज़िर को कोविड अस्पताल सिकटिया में भर्ती कराया गया। वहीं शनिवार को डीडीसी सुनील कुमार मेहरमा प्रखंड के सभागार में सभी स्टाफ के साथ बैठक कर रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड नाजिर ने अपने हाथ से नाश्ते की मिठाई सर्व की थी। नाज़िर उप विकास आयुक्त के संपर्क में आये थे। जब रविवार को सबको मालूम हो गया कि नाज़िर कोरोना पॉजिटिव निकल गया है , तो इनके संपर्क में आये सभी अधिकारियों, कर्मियों और जनप्रतिनिधियों को कोरोना जांच कराना चाहिए और रिपोर्ट आने तक स्वयं को स्वयं को क्वारंटीन हो जाना चाहिए, ताकि कोरोना का प्रसार न हो।
लेकिन उप विकास आयुक्त अब भी खुले आम घूम घूम कर मीटिंग कर रहे हैं। रविवार को बसंतराय प्रखंड में बैठक किये । इसके बाद मंगलवार को महागामा प्रखंड में बैठक किए। अगर डीडीसी का रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आया तो न जाने कितने व्यक्ति कोरोना के चपेट में आ जाएंगे।
प्रखंड प्रमुख ने कहा है कि एक जिम्मेदार और वरीय पदाधिकारी खुद सरकारी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो प्रशासन आम जनता से क्या उम्मीद कर सकते हैं। एक तरफ प्रशासन आम जनता को मास्क लगाने का आह्वान करते हैं, वहीं दूसरी तरफ बीडीओ सार्वजनिक रूप से बिना मास्क के पाए जाते हैं और उन पर कोई कार्रवाई ज़िला प्रशासन नहीं करते हैं। प्रखंड प्रमुख के अनुसार, आम जनता में प्रशासन के कथनी और करनी में अंतर का संदेश जा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि डीडीसी का कोरोना रिपोर्ट जब तक नहीं आ जाता, तब तक उन्हें बैठकों एवं निरीक्षण से दूर रखते हुए होम क्वारांटीन में रहने की सलाह दें।