कोरोना सुरक्षा मानकों का अनुपालन करते हुए की गई जन्माष्टमी पूजा

कोरोना से सुरक्षा को लेकर गौड़ सेवा संघ ने स्थगित किया सात दिवसीय मेला
सरायकेला। सरायकेला सहित आस पास के क्षेत्र में सोमवार की रात श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा अर्चना विधिवत की गयी। कोरोना सुरक्षा मानकों का अनुपालन किया गया जिसके कारण पूर्व की तरह पूजा स्थल एवं मंदिरों में भीड़ कम रही। प्रखण्ड के महालिमोरूप पंचायत अंतर्गत जगन्नाथपुर गांव में भी इस वर्ष केवल भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की गयी। उल्लेखनीय है कि जगन्नाथपुर गांव में गौड़ सेवा संघ क्षेत्रीय कमेटी द्वारा जन्माष्टमी के अवसर पर वर्ष 2007 से सात दिनों तक पूजा अर्चना सहित मेले का भी आयोजन पहले किया जाता रहा है। इस वर्ष पंडाल में भगवान की मूर्ति स्थापित कर विधिवत पूजा अर्चना की गयी। गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष , महालिमोरूप क्षेत्रीय कमेटी के अध्यक्ष सह पूजा कमेटी अध्यक्ष नीलसेन प्रधान एवम मुरूप पंचायत की पूर्व मुखिया लक्ष्मी देवी द्वारा संयुक्त रूप से फीता काट कर पंडाल का उद्घाटन किया गया। नीलसेन प्रधान ने बताया भगवान श्री कृष्ण गौड़ जाति के इष्टदेव हैं हमलोग अपने सहित क्षेत्र के सभी लोगों की सुख शांति हेतु भगवान की पूजा अर्चना करते हैं। पुजारी पंडित रामनाथ होता द्वारा रात्रि 09 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे मान्यतानुसार भगवान श्रीकृष्ण जन्म समय तक पूजा अर्चना किया गया। इस अवसर पर गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय सचिव पितोवास प्रधान
नीलसेन प्रधान, कृष्ण कुमार प्रधान, शंभूनाथ प्रधान, नागेश्वर प्रधान, हेमसागर प्रधान,आशीष प्रधान, विष्णु प्रधान, जगन्नाथ प्रधान, अंतर्यामी प्रधान, गोपीनाथ प्रधान, गुरुचरण प्रधान, आशुतोष प्रधान एवं विजय प्रधान भी उपस्थित रहे एवं पूजन कर्यक्रम में इनकी सहभागिता रही।