झालसा द्वारा संचालित शिशु परियोजना के तहत झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपरेश सिंह ने किया रामगढ़ का दौरा

■ बारलौंग पंचायत अंतर्गत कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के बीच किया सहायता राशि व विभिन्न सामग्रियों का वितरण

● सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बच्चों को लाभ देना करे सुनिश्चित

रामगढ़: झालसा द्वारा संचालित शिशु परियोजना के तहत शनिवार को माननीय झारखंड उच्च न्यायालय रांची के न्यायाधीश सह कार्यपालक अध्यक्ष झालसा अपरेश कुमार सिंह ने अपनी धर्मपत्नी वंदना सिंह के साथ रामगढ़ जिले के बारलौंग पंचायत का दौरा किया।

मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामगढ़ सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार

निकेश कुमार सिन्हा एवं उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा ने उनका स्वागत किया। इस दौरान सबसे पूर्व न्यायाधीश ने पीडीजे एवं उप विकास आयुक्त से बारलौंग पंचायत अंतर्गत कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की जानकारी ली। इस दौरान पीडीजे एवं उप विकास आयुक्त ने बताया कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जिला प्रशासन एवं पारा लीगल वालंटियर्स के माध्यम से कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों का सर्वे कराया गया है। जिनमें बारलौंग पंचायत में एक ही परिवार के दो बच्चे एवं एक बच्ची के अनाथ होने का मामला सामने आया है, जिसके उपरांत जिला प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा इन्हें चिन्हित करते हुए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

इस दौरान न्यायाधीश द्वारा उप विकास आयुक्त एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव से बच्चों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ देने की बात कही गई। इस दौरान उप विकास आयुक्त ने न्यायाधीश को जानकारी दी कि तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं भरण पोषण मिले इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।

मौके पर न्यायाधीश एवं उनकी धर्मपत्नी द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से अंतरिम सहायता के रूप में 10000 तथा स्पॉन्सरशिप योजना के तहत तीनों बच्चों को दो 2000 का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही सभी बच्चों के बीच वस्त्र, सुखा राशन सहित अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों का वितरण किया गया।

इस दौरान न्यायाधीश द्वारा तीनों बच्चों के वर्तमान आवास का निरीक्षण कर जिला प्रशासन रामगढ़ को उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से उन्हें त्वरित लाभ देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने विशेष रूप से बारलौंग पंचायत के पारा लीगल वालंटियर निरंजन कुमार को लगातार तीनों बच्चों के संपर्क में रहने एवं उन्हें लाभ देना सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

मौके पर  न्यायाधीश ने तीनों बच्चों को पढ़ लिख कर अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएं दी।

उपरोक्त के अलावा इस दौरान झारखंड उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव संतोष कुमार, झालसा के सदस्य सचिव मोहम्मद शाकिर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह रजिस्ट्रार व्यवहार न्यायालय रामगढ़, जिला भू अर्जन पदाधिकारी सह जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अंचल अधिकारी रामगढ़, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष, प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामगढ़ सहित अन्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।