झारखंड के श्रम मंत्री ने हल-बैल के साथ खेत की जुताई कर रोपा धान

कहा गरीब किसान का बेटा हूं, इस लिय अपने काम व परंपरा को भुला नही
चतरा। बदलते समय के साथ लोगों में बहुत से बदलाव होते हैं, रुतबा के हिसाब से रहसहन के साथ मिलने जुलने का तरीका ही बदल जाता है, लेकिन झारखंड के श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सह चतरा के राजद विधायक सत्यानंद भोक्ता आज भी व्यस्तता के बावजूद समय निकालकर अपने गांव में खेत की जुताई करने के साथ धान रोपनी करतें हैं। उक्त कार्य श्री भोक्ता विधायक या मंत्री बनने के पहले भी करते थे और आज भी करते हैं। श्री भोक्ता सोमवार को सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पैतृक गांव कारी पहुंचकर अपने खेत में उतरकर हल चलाया और मजदूरों के साथ धान का रोपा किया। मंत्री ने करीब दो घंटे तक बैलों के हल चलाकर खेत तैयार किया और रोपा कर जमकर पसीना बहाया। उन्होंने इस दौरान कहा कि गरीब किसान का बेटा हूं, गरीबी को जानता हूं। खेती करना हमारा धर्म के साथ परंपरा भी है। उन्होंने आगे कहा कि पूर्वजों ने विरासत में खेत दिया है, खेती करना जरूरी है। किसान खेती करेगा, तब ही खाने के लिए अनाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि हेमंत के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों, मजदूरों एवं युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कार्य कर रही है। इस क्रम में मंत्री ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं से भी अवगत हुए।