कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय….गाीतों के साथ संपन्न हुआ अस्ताचलगामी अर्घ्य

कल सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के संपन्न होगा छठ महापर्व

खूंटी:लोकआस्था का महापर्व छठ आज खूंटी में पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बड़ी संख्या में छठव्रती भक्ति भाव के साथ छठ घाटों और तालाबो की ओर चले। चौधरी तालाब, राजा तालाब, साहू तालाब, तजना नदी घाट और सुन्दारी नदी में छठव्रती भगवान सूर्य को अर्घ्य चढ़ाए। फल फूल, कंद मूल से सजे टोकरी को लेकर छठ के पावन गीतों को गुनगुनाते हुए धीमी चाल में पहुंचे। जिले के सभी छठ घाटों और तालाबों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। लम्बे लंबे ईख की डालियों से सजे छठ घाट की छटा अस्ताचलगामी सूर्य की किरणों से बेहद आकर्षक नजारा पेश कर रही थीं। छठव्रती छठी मैया से अपनी अपनी मुरादें लेकर व्रत करती हैं। कहा जाता है कि छठी मैया निःसंतान दंपतियों को संतान सुख देती हैं। छठ में उपयोग होने वाले अनाजों की साफ सफाई से लेकर घर आंगन और छठ घाट तक कि सफाई का विशेष महत्व होता है। छठ स्वच्छता और पवित्रता का लोकआस्था का महापर्व माना जाता है। बच्चे, वृद्ध, युवा और महिलाएं सभी छठ का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

कोरोना संक्रमण काल के कारण सरकार के दिये गाइड लाइन के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिङ्ग का पालन करते हुए सभी छठव्रती मास्क लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचे। अन्य वर्षों की तरह इस बार छठ घाटों में ढोल-ढांक और बम-पटाखों का शोर कम रहा। लोग सरकार के आदेश का पालन करते हुए छठ की पूजा करते दिखाई दिए।