तमिलनाडु में बंधक बनी छः लड़कियों को “कोल्हान नितिर तुरतुंग”और “भारतीय रेलवे हो समाज”ने छुडा़या

,सकुशल किया परिजनों के हवाले
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: “कोल्हान नितिर तुरतुंग” के सकारात्मक प्रयासों से तमिलनाडु के कोयंबटूर में काम कर रही कोल्हान की 7 लड़कियों को,जो काम करते हुए लगातार शोषण का शिकार हो रही थी को रेसक्यू कर सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार-संजुता सोय(समुडीह,कुचाई)
संगीता सोय(दुकेडीह,कुचाई)
जयंती डांगिल(लोप्टा,कुचाई)
गीता डांगिल(लोप्टा,कुचाई)
सोम्बारी बारी(टोंटोसाई,कुचाई)
खुशबु चम्पीया(राहरगोड़ा,कुचाई)
बसंती कुमारी(मुरी,रांची)आदि वर्ष-2019 में “कौशल विकास योजना”के तहत धागा बनाने वाली कंपनी कैपियर मेलिमिटर निलम्बूर,कोयंबटूर(तामिलनाडु)गई हुई थी।

इस दौरान कई-कई महीने से उनका वेतन रोक कर रखा गया,दूसरी कंपनी में काम करने जाने नहीं दिया गया और जब उनके द्वारा किसी तरह वापस लौटने के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन कर लिया गया तब सही समय में उन्हें स्टेशन तक भी पहुंचने नहीं दिया गया जिससे उनकी ट्रेन छूट गई और रिजर्वेशन के पैसे भी चले गए….

इन सबकी जानकारी उन्होने फोन के माध्यम से बैंगलुरु,रेलवे में कार्यरत बिरसा बारी को दिया। KNT के कार्यशैली से,पहले से ही प्रभावित बिरसा बारी ने इस बात की जानकारी KNT के कोषाध्यक्ष-सिंगराय बोदरा को दिया।मामले के संज्ञान में आते ही “टीम” पूरी तरह से सक्रिय हो गई।
शैलेश कन्डाईबुरु जी के द्वारा तत्काल में सभी का टिकट बनवाया गया,चेन्नई सेन्ट्रल रेलवे में कार्यरत हमारे कोल्हान के संजय बानरा के द्वारा उन्हे घर से लाकर खाना खिलाया गया साथ ही रास्ते में इस्तेमाल के लिए कुछ ड्राय-फ्रूट्स वगैरह दी गई और एलेप्पी-धनबाद से राऊरकेला तथा वहां से मुंबई-हावडा़,गितांजलि-एक्सप्रेस से झारखण्ड के लिए व्यवस्था कर दिया गया।
रेलवे राऊरकेला में कार्यरत CTI मनोज तुबिड जी द्वारा राउरकेला में सभी को रिसिव करने के बाद गीतांजलि एक्सप्रेस से चक्रधरपुर के लिए रवाना करने के बाद स्थानीय KNT के पदाधिकारीयों को सुचित किया गया।
चक्रधरपुर में KNT के उपाध्यक्ष अनंत कुमार हेम्ब्रम व संयुक्त-सचिव अंजन सामड ने सभी को गितांजलि एक्सप्रेस से रिसीवर किया, सभी का हाल-समाचार जानने के बाद व सभी को नास्ता-पानी कराने के बाद,सूचना के बाद पहले से ही मौजूद उनके परिजनों के हवाले कर दिया।