खेल दिवस पर क्रीड़ा भारती ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धा सुमन अर्पित किया

रामगढ़: खेल दिवस के मौक़े पर क्रीड़ा भारती की रामगढ़ जिला इकाई के तत्वावधान में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जीवन एक प्रेरणा को आत्मसात् करती एक संगोष्ठी संयोजित की गई । होटल शिवम इन परिसर में आयोजित संगोष्ठी में युवा खिलाड़ी, भूतपूर्व सैनिक व प्रबुद्ध जनों ने शिरकत की । संगोष्ठी की अध्यक्षता क्रीड़ा भारती के जिला अध्यक्ष रंजन फौजी एवं संचालन जिला मंत्री सुशांत पांडे ने किया।
क्रीड़ा भारती के संरक्षक विजय मेवाड़ ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा की खेल के प्रति मेजर ध्यानचंद का जुनून युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा उनके जीवन से सीखने की ज़रूरत है की तमाम मुश्किल हालातों में हिम्मत न हारते हुए सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन कैसे किया जा सके और देश के प्रति अगाध प्रेम जिसके बूते उन्होंने हिटलर के लुभावने प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। क्रीड़ा भारती रामगढ़ जिला अध्यक्ष रंजन फौजी ने कहा की मेजर ध्यानचंद ने त्याग का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जर्मन चांसलर एडल्फ़ हिटलर के सेना में उच्च पद के प्रस्ताव को ठुकराते हुए पूरी हिम्मत से कहा वे मातृभूमि के लिए ही खेलेंगे, यह एक सैनिक का देश के प्रति जज़्बे को दिखाता है । जिला मंत्री सुशांत पांडेय ने कहा की हॉकी के खेल की प्रतिभा मेजर ध्यानचंद में जन्मजात नहीं थी, बल्कि उन्होंने सतत साधना, अभ्यास, लगन, संघर्ष और संकल्प के सहारे यह प्रतिष्ठा अर्जित की थी। जिला उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा की ध्यानचंद को फुटबॉल में पेले और क्रिकेट में ब्रैडमैन के समतुल्य माना जाता है। गेंद इस कदर उनकी स्टिक से चिपकी रहती कि प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को अक्सर आशंका होती कि वह जादुई स्टिक से खेल रहे हैं। यहाँ तक हॉलैंड में उनकी हॉकी स्टिक में चुंबक होने की आशंका में उनकी स्टिक तोड़ कर देखी गई। जापान में ध्यानचंद की हॉकी स्टिक से जिस तरह गेंद चिपकी रहती थी उसे देख कर उनकी हॉकी स्टिक में गोंद लगे होने की बात कही गई। क्रीड़ा भारती परिवार ने इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा की खेल से जुड़े हुए मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल के सर्वोच्च पुरस्कार खेल रत्न का नाम रखे जाने पर क्रीड़ा भारती परिवार उनका आभार व्यक्त करती है। जिला उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी अंकित सिंह ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का व्यक्तित्व एवं कृतित्व आज के नौजवानों के लिए प्रेरणा स्रोत है जिस तरह से उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन के बलबूते भारतीय हॉकी टीम का नेतृत्व करते हुए तीन बार ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया वह अविस्मरणीय है। सभी ने एक साथ संकल्प लिया कि रामगढ़ जिला में खेल के स्तर को ऊपर उठाने के लिए सभी अपना हर संभव प्रयास करेंगे एवं एक प्रतिनिधिमंडल रामगढ़ के उच्च अधिकारियों से मिलकर एक अच्छे खेल का मैदान जहां खिलाड़ी अपनी तैयारी कर सके की मांग जिला प्रशासन के पास रखेगा। इस बैठक में क्रीड़ा भारती संगठन की मजबूती के लिए सदस्यता प्रभारी के रूप में अंकित सिंह एवं सह प्रभारी सुमित कुमार का नाम प्रदेश में भेजने का प्रस्ताव पारित हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज केजरीवाल कोलकाता , क्रीड़ा भारती जिला मंत्री सुशांत पांडे, जिला उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता, मनोज शाह, राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं रामगढ़ जिला क्रीड़ा भारती के उपाध्यक्ष अंकित सिंह, आनंद सिंह के साथ सुमित कुमार, अनिल गुप्ता, अंशु सिंह, हिमांशु कुमार, अदित्य कुमार, पूर्व सैनिक ब्रिज बिहारी सिंह यादव, शिव शंकर शाह, अजय तिवारी, रामटहल महतो एवं अन्य लोग उपस्थित थे।