कृषि के विकास के लिए 726 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित

गोड्डा: नाबार्ड द्वारा जिले में कार्यरत विभिन्न सरकारी विभाग तथा बैंक के सहयोग से कृषि तथा इससे संबंधित क्षेत्रों के विकास हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु कुल र 726 करोड़ रुपए का पीएलपी तैयार किया गया है।
इस योजना में जिले के किसानों के लिए कृषि क्षेत्र में अल्पकालीन ऋण हेतु किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कुल रुपए 280 करोड़, मियादी ऋण के लिए चिन्हित विभिन्न अनुषंगी क्षेत्र जैसे जल संसाधन विकास हेतु 17 करोड़, कृषि यंत्रीकरण हेतु 33 करोड़ , बागबानी हेतु 15 करोड़ , मत्स्य पालन तथा पशुपालन हेतु कुल 90 करोड़ निर्धारित किया गया है। इसके अलावे कृषि अवसंरचना जैसे गोदाम , कोल्ड स्टोरेज हेतु रुपये 12 करोड़ तथा लघु, सूक्ष्म तथा मध्यम उद्योग हेतु कुल रुपये 177 करोड़ , शिक्षा ऋण हेतु 7 करोड़ ,आवास निर्माण हेतु 32 करोड़ , नवीकरणीय ऊर्जा विकास हेतु कुल 2 करोड़ , सामाजिक आधारभूत अवसंरचना विकास हेतु कुल 2 करोड़ , स्वयं सहायता समूह तथा अन्य वगों के लिए कुल 34 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जिले के दुग्ध उत्पादक , बकरी पालन तथा लेमनग्रास के उत्पादन से संबंधित किसानों को बैंक वित्त तथा अन्य जरूरतों को पूरा करने हेतु, क्षेत्र विकास योजना का भी अगले 5 वित्तीय वर्ष 2021-22 से 24-25 तक निर्माण किया गया है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु दुग्ध उत्पादन हेतु कुल 12 करोड़, बकरी पालन हेतु 1.56 करोड़ तथा लेमनग्रास के लिए 0.30 लाख के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है।

इस योजना में कृषि तथा इससे संबंधित क्षेत्रों में त्वरित विकास हेतु विभिन्न सलाह दिए गए हैं। इसके साथ ही साथ कृषि क्षेत्र के विकास हेतु, जिले आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास के लिए भी सुझाव दिए गए हैं ताकि उत्पादन तथा उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
इस योजना में सिंचाई व्यवस्था के विकास हेतु तथा सूक्ष्म सिंचाई अवसंरचना जैसे कि टपक सिंचाई, फब्बारा सिंचाई के बारे में विशेष रूप से बताया गया है।
विदित हो कि पीएलपी 21-22 तथा एडीएस 21-25 के पुस्तक का विमोचन अंजलि यादव उप विकास आयुक्त महोदया के द्वारा डीआरडीए सभागार में आयोजित नीति आयोग की मीटिंग में किया गया। उन्होंने जिले में कार्यरत कृषि तथा ग्रामीण विकास से संबंधित सभी हित धारकों को पीएलपी में सुझाए गए विभिन्न सुझाव का उपयोग करने का आह्वान किया, ताकि जिले के किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी की जा सके।
मौके पर निर्मल कुमार, डीडीएम, नाबार्ड, गोड्डा, डॉ. रविशंकर, पीसी, केवीके, गोड्डा, राकेश सिंह, उप परियोजना निदेशक आत्मा संतोष कुमार, नीति आयोग कोषांग तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।