जागरूकता की कमी जनजातीय श्रमिकों के विकास में रोड़ा : राज किशोर गोप

सरायकेला से भाग्य सागर सिंह की रिपोर्ट
सरायकेला। राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार) क्षेत्रीय निदेशालय -जमशेदपुर की ओर से सरायकेला प्रखंड के मोहितपुर पंचायत अन्तगर्त सुदुरवर्ती गांव गोपालपुर प्राथमिक विद्यालय भवन प्रांगण में “द्विदिवसीय अनुसूचित जन जाति श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन 10 व 11 नवंबर को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बोर्ड के वरिष्ठ शिक्षा पदाधिकारी राज किशोर गोप ने करते हुए केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा एवं गरीबी उन्मूलन योजनाओं पर चर्चा किया। उन्होंने कहा योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए जागरुकता आवश्यक है। उन्होंने अनुसूचित जनजाति श्रमिकों के सामाजिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस समुदाय के लोग गरीबी,अशिक्षा, अंधविश्वास तथा नशाखोरी जैसी प्रमुख सामाजिक बुराईयों से ग्रसित हैं यही इनके प्रगति में रोड़ा उत्पन्न कर रही है। दुनिया में हो रहे वैज्ञानिक परिवर्त्तन की जानकारी देते हुए तथा प्रधानमंत्री के डिजीटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा तथा जागरूकता को नितांत जरूरी बताया। कहा बोर्ड पूरे देश में श्रम जगत का मार्गदर्शन तथा प्रेरणा हेतु सदैव प्रयत्नशील है। कोरोना महामारी पर प्रकाश डालते कहा कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है इसलिए लापरवाही नहीं बरतनी है। टीकाकरण के प्रति जनजातीय समाज में फैले नकारात्मक भ्रान्तियों तथा विचारों से दूर रहने को कहा। कार्यक्रम का संचालन बोर्ड के कार्यक्रम समन्वयक हेमसागर प्रधान ने किया। उन्होंने प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना, मातृत्व वंदना योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,एकलव्य विद्यालय एवं ई-श्रम कार्ड हेतु निबन्धन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दिया।
इस कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति की 80 महिला एवं पुरूष श्रमिकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को बोर्ड की ओर से 2 दिन का भत्ता 500/-उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन प्रमाणिक,वार्ड सदस्य होली सरदार, गोपालपुर के ग्राम प्रधान दीपक जामुदा, सेरेंगदा के ग्राम प्रधान फूलचंद महतो, ममता महिला समूह की अध्यक्ष चंद्रकला महतो, मनोज जामुदा,मोतीलाल सरदार, सुनीता जामुदा,लक्ष्मी सरदार आदि का सराहनीय योगदान रहा।