लैम्पस अध्यक्ष – सचिव को करें खाद बीज व्यवसाय के लिए प्रेरित

– राज्य सहकारी बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र को भी खाद – बीज का व्यवसाय करना अनिवार्य
– लैम्पसों का अंकेक्षण कार्य को ससमय करें पूरा, अंकेक्षण शुल्क को अविलंब करें जमा
– सूचना भवन सभागार में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने की प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक, दिया जरूरी दिशा निर्देश

पाकुड़: सूचना भवन सभागार में शुक्रवार को जिला सहकारिता पदाधिकारी कुमार गौतम ने विभाग के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति कार्य की मासिक समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी से क्रमवार जानकारी ली। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने लैम्पसों अध्यक्षों के साथ बैठक कर खरीफ मौसम को देखते हुए खाद एवं बीज का व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करने को कहा।

कहा कि वर्तमान समय पूरा विश्व कोरोना वायरस (कोविड – 19) नामक महामारी से लड़ रहा है। अर्थ व्सवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कृषि कार्य को बढ़ावा देना है। क्षेत्र के किसानों के हित में लैम्पस अध्यक्ष व सचिव को खाद – बीज का व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करें। विभाग इसमें उनको हर संभव सहयोग करेगा।

यदि किसी लैम्पस के पास पूंजी का अभाव है तो उसे आस – पास के दूसरे लैम्पस के साथ सम्बद्ध कर दिया जाएगा। लैम्पस यह सुनिश्चित करेंगे की किसानों के बीच खाद व बीज का वितरण सरकार द्वारा निर्धारित अनुदानित दर पर ही की जाए। प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे। किसानों से बात करेंगे।

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कहा कि विभाग के निर्देशानुसार दो लैम्पसों को चिन्हित किया जो खाद एवं बीज का नोडल लैम्पस होंगे। इसके लिए हिरणपुर एवं पाकुड़िया लैम्पस को चिन्हित किया गया है। इन लैम्पसों से संबद्ध होकर अन्य लैम्पस खाद – बीज का व्यवसाय करेंगे। खाद – बीज विक्रय में किसी भी तरह की किसानों को कोई परेशानी नहीं ह इसे सुनिश्चित करेंगे।

जिले में लगभग 23 – 25 ऐसे लैम्प्स है जहां पर झारखंड राज्य सहकारी बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र संचालित है। इन सभी को खाद बीज का व्यवसाय करना अनिवार्य है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को अनुदानित दर पर खाद बीज मिल सके। जो लैम्पस कर्मी किसानों के हित में कार्य नहीं करते है, उन्हें संबंधित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी चिन्हित कर कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय को प्रतिवेदन समर्पित करें।

बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने खरीफ मौसम में किसानों द्वारा बोई जाने वाली फसलों का बीमा करने के लिए भी कर्मियों को आवश्यक दिशा – निर्देश दिया। उन्होंने ससमय लैम्पसों का अंकेक्षण करने को कहा। प्रखंड में संचालित लैम्पस एवं सभी प्रकार की समितियों का अंकेक्षण ससमय प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जिन समितियों द्वारा अंकेक्षण शुल्क अब तक जमा नहीं किया गया है वह अविलंब शुल्क जमा करें।

मौके पर प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी पाकुड़ के पॉल सुनील बाखला, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी नीरज कुमार सिन्हा, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी हिरणपुर नोरिक रविदास, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी महेशपुर के लक्ष्मीपति भगत, पाकुड़िया के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी हरि प्रसाद महतो, लिटीपाड़ा के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्यालय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अशोक कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी पाकुड़ के सहायक सुरेंद्र कुमार, सहायक निबंधक कार्यालय सहायक विजय कुमार राम व अमरेश कुमार उपस्थित थे