झामुमो के 16 प्रखण्ड व 2 नगर कमेटियों की सूची जमा

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: शुक्रवार को रांची में पश्चिमी सिंहभूम झामुमो जिला संयोजक मंडली के मुख्य संयोजक चक्रधरपुर विधायक सुखराम उराँव के नेतृत्व में झामुमो केंद्रीय महासचिव बिनोद पांडेय को जिला के प्रखंडों एवं नगर कमेटी के नए पदाधिकारियों की सूची सौपी गयी. पश्चिमी सिंहभूम झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा 16 प्रखंड कमेटी एवं 2 नगर कमेटी की सूची सौंपी गई. केवल मनोहरपुर एवं सोनुवा प्रखंड कमेटी के चुनाव में आमराय नहीं बन पाने के कारण सूची जमा नहीं की जा सकी. पश्चिमी सिंहभूम जिला संयोजक मंडली के मुख्य संयोजक विधायक सुखराम उरांव, संयोजक मंडली के सदस्य सोनाराम देवगम, मोनिका बोयपाई, इकबाल अहमद, दीपक प्रधान, मिथुन गागरई, दिनेश चंद्र महतो भी रांची जाकर पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में केंद्रीय महासचिव श्री पांडे के जिम्मे में निर्वाचित सदस्ययों की सूची जमा करने में शामिल रहे.

एक महीने का मिला था समय, निर्धारित समय पर चुनाव पूरे

मालूम रहे कि पश्चिमी सिंहभूम जिला में झारखंड मुक्ति मोर्चा की ज़िला कमेटी विगत कई सालों से भंग थी. पार्टी के कार्यक्रम जिला कमेटी नहीं होने के कारण शिथिल पड़े हुए थे. ऐसे समय में 3 अगस्त को केंद्रीय कमेटी द्वारा विधायक सुखराम उरांव को पूरे जिले में कमेटी गठन करने का दायित्व सौंपा गया और उन्हें इसके लिए मात्र एक महीने का समय दिया गया. विधायक श्री उरांव ने केंद्रीय कमेटी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को चुनौती के तौर पर लिया और 5 अगस्त को संयोजक मंडली की बैठक करने के बाद एक अभियान के तहत पूरे जिले में प्रखंड एवं नगर कमेटी गठित करने की मुहिम छेड़ी दिया. जिन प्रखंड अथवा नगर में चुनाव होती वहां के स्थानीय विधायक को लेकर सभी विधानसभा क्षेत्र के प्रखंड एवं नगर कमेटियों का गठन करने में कहीं कोई परेशानी नहीं आई और सर्वसम्मति से 18 कमेटी का गठन का काम पूरा कर लिया गया. लेकिन सोनूवा और मनोहरपुर प्रखंड कमेटी के गठन में आमराय नहीं बन सकी. अध्यक्ष पद के दावेदार अधिक होने के कारण इन दोनों प्रखंडो का चुनाव संपन्न नहीं कराया जा सका. इसके बाद संयोजक मंडली द्वारा केंद्रीय कमेटी को सूचित करते हुए दोनों प्रखंड के दावेदारों की सूची भी दी गई और आग्रह किया गया कि उपरोक्त दोनों प्रखंड में प्रखंड कमेटी का गठन केंद्रीय कमेटी द्वारा किया जाए. निकट भविष्य में केंद्रीय कमेटी द्वारा उपरोक्त दोनों प्रखंड की कमेटी की घोषणा की जाएगी. दूसरी ओर जिन 18 कमेटी के गठन का काम पुरा कर लिया गया है उसे केंद्रीय कमेटी द्वारा अनुमोदित कर मंजूरी प्रदान की जाएगी. इसके बाद पश्चिमी सिंहभूम जिला में एक बार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा का संगठन सक्रिय रुप से अपने दायित्व का निर्वाह करती नज़र आएगी.
पूर्व में देखा गया है कि एक माह के अंदर पूरे जिला के सभी प्रखंड एवं नगर कमेटी का गठन कर पाना मुमकिन नहीं था. इसके लिए काफी लंबा समय लगता था. लेकिन यह पहला अवसर है, जब केंद्रीय कमेटी द्वारा दी गई अवधि के अंदर ही गठन का का पूरा कर लिया गया. इसमें मुख्य रूप से विधायक सुखराम उरांव और संयोजक मंडली के सदस्यों की ससक्रिय जिम्मेदारी का परिणाम नजर आता है.