लोक मंच ने जयंती पर कथा सम्राट प्रेमचंद को किया याद

गोड्डा : लोकमंच संस्था के बैनर तले प्रेमचंद जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी आयोजित हुई। कोविड गाइडलाइन को देखते हुए सीमित उपस्थिति में स्थानीय नेताजी चौंक अवस्थित करुणा-बसन्त स्मृति भवन में मंच के कार्यकारी अध्यक्ष शिवकुमार भगत की अध्यक्षता में हुई। जबकि संचालन साहित्यसेवी सुरजीत झा ने की।
गोष्ठी में शिवकुमार भगत, मंच के संरक्षक मंजुल कुमार दास, सचिव सर्वजीत झा, उपाध्यक्ष प्रो नूतन झा एवं राष्ट्रीय विभूति मंच संयोजक राजेश झा ने प्रेमचंद के अलावा पुण्यतिथि पर प्रसिद्ध पार्श्वगायक मोहम्मद रफी एवं शहादत दिवस पर उधम सिंह को अपनी श्रद्धांजलि दी।
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के पश्चात बतौर मुख्य वक्ता शिवकुमार भगत ने प्रेमचंद साहित्य की गहन विवेचना करते हुए उनकी रचनाओं की सर्वकालिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कहा कि उनकी रचनाएं हर पीढ़ी और वर्ग के लिए सदैव अपनी लेखकीय ऊष्मा और प्रचुर प्रासंगिकता के साथ पथ प्रदर्शक रहेगी।
मंजुल दास ने प्रेमचंद के साथ-साथ मोहम्मद रफी और उधम सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए युगपुरुष की संज्ञा से नवाजा। राजेश झा उधम सिंह के बलिदान को अपनी शब्द- श्रद्धांजलि दी। जबकि नूतन झा ने प्रेमचंद की प्रतिनिधि कहानियो के निहितार्थ को प्रस्तुत करने का काम किया। सर्वजीत झा ने 31 जुलाई को “सम्राट दिवस” के नाम से मनाए जाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गोड्डा की जोरदार उपस्थिति दर्ज करने वाले गजलकार सुशील ठाकुर “साहिल” ने अपने शेरों और तरन्नुम में पेश गजलों से खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम का समापन साढ़े तीन साल की बच्ची नुपूर नंदिनी द्वारा राष्ट्रीय गान की अद्भुत प्रस्तुति से हुई। इस अवसर पर उमेश चन्द्र मिश्रा, रजनीकांत तिवारी, अधिवक्ता रतन दत्ता, सच्चिदानंद साहा, अभय नाथ पाठक, अशोक कुमार दत्त, विभूति भूषण झा, प्रदीप कुमार झा, मधुसूदन झा, पंकज कुमार झा, सुरेंद्र साह, नरेश प्रसाद झा, शबनम घोष, डौली कुमारी, संजीव कुमार झा, सुमन झा, ज्योति झा, जयराम प्रसाद यादव, अनुष्का झा, यथार्थ भारद्वाज, मिस्तु, मोनी, केशव कुमार झा, मनोज कुमार झा, प्रशांत कुमार पांडेय, सोनी झा एवं श्यामा झा उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन रतन दत्ता ने किया।