लॉकडाउन में एमडीएम के चावल व राशि विरण में की जा रही मनमान, अध्यक्ष व सचिव डब्बे से बच्चों को दे रहे हैं चावल

मयूरहंड(चतरा)। सरकारी उदासीनता के कारण मयूरहंड प्रखंड के लगभग प्राथमिक व मध्य विद्यालय के बच्चों के लिए लॉकडाउन के दौरान मध्याह्न भोजन का चावल व कुकिंग कॉस्ट के साथ अंडा की राशि वितरण करने का प्रवधान कागज पर सिमट कर रह गया है। सरकार ने 17 मार्च से 30 जून तक पहली से आवंटित एमडीएम के चावल का वितरण करने का निर्देश दिया है। वहीं कई विद्यालय में न्यूनतम एक किस्त तो कहीं-कहीं दो किस्त तक चावल वितरण किया गया। तीसरा किस्त का नामो निशान भी नही है। चावल वितरण के दौरान शिक्षा विभाग से लेकर प्रशासनिक पदाधिकारी का औचक निरीक्षण नही होने से चावल वितरण के दौरान प्रधान शिक्षकों ने चावल तौलने के बदले डब्बा से माप कर वितरण किया। ऐसे में लगभग 500 ग्राम से 700 ग्राम तक प्रति बच्चा चावल का वजन कम वितरण किया गया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उसी विद्यालय के प्रधान शिक्षक से किया तो बच्चों का नाम विद्यालय से काट देने का देकर सभी को चुप्पी साधने का निर्देश दे दिया और बच्चों को भय दिखाकर रजिस्टर में हस्ताक्षर बना कर कागजी खानापूर्ति किया गया। इस संबंध में उत्क्रमित मध्य विद्यालय पेटादरी के प्रधान शिक्षक मनोज कुमार यादव ने बताया कि अध्यक्ष व संयोजिका की उपस्थिति में पहली से पांचवी कक्षा को छः मग तथा छठी से आठवीं कक्षा को 9 मग चावल दिया गया। वहीं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अरविंद कुमार प्रसाद ने बताया कि डब्बा से चावल वितरण की सूचना नही है। जबकी बीडीओ संतोष कुमार ने बताया तराजू, बटखरा या इलेक्ट्रिक कांटा से ही वजन कर चावल का वितरण करना है।