बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाकर राष्ट्र का समग्र निर्माण करें: प्रभाकर

बोकारो:  आज कसमार प्रखंड के ग्राम पंचायत पोंडा के धधकिया गांव के सामुदायिक भवन में मे बाल अधिकार सरंक्षण जागरूकता अभियान युवाओं की सहभागिता से कार्यक्रम निदेशक , बाल अधिकार सरंक्षण जागरूकता अभियान डॉ प्रभाकर कुमार के नेतृत्व में चलाई गई जिसमे बच्चों सहित उनके माता पिता , अभिभावकों , ग्रामीणों सहित कई समुदायों की उपस्थिति रही ।

जागरूकता अभियान की अगुवाई कर रहे डॉ प्रभाकर कुमार ने बच्चे के अधिकारों की चर्चा करते हुए बाल मुद्दों जिनमें बाल विवाह , बाल श्रम , बाल दुर्व्यवहार व दुर्व्यापार , मानव दुर्व्यापार , सुरक्षा अधिकारों के तहत यौन उत्पीड़न के खिलाफ कानून , पोक्सो कानून एव किशोर न्याय अधिनियम की अद्यतन जानकारी बतलाये ।

मनोवैज्ञानिक डॉ कुमार ने बतलाया कि बच्चों के अधिकारों की सुनिश्चितता तभी सम्भव है जब उनके माता पिता सह अभिभावकों मे बाल मुद्दे व कानून की जानकारी हो , साथ ही वे संवेदनशील हों । संवेदनशील बनकर बच्चों को सभी तरह के बाल उत्पीड़न से बचाना व प्रश्रय देना है । गांव के समुदाय व ग्रामीण को बाल अधिकार , बाल कानून की यथोचित जानकारी रहने से बच्चों का समग्र सर्वांगीण व चतुर्दिक विकास तय है । बच्चों की सुरक्षा दिया जाना , गांव के विकास में सहायक । टॉल फ्री नो 1098 समेत स्थानीय पुलिस की भूमिका , बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी की भूमिका एवं जिले के बाल सरंक्षण इकाईयों के बारे में बतलाया गया ।

पोंडा गांव के मुखिया हारू रजवार ने कहा कि जागरूकता अभियान चलाये जाने से बच्चे मे संवेदनशील बढ़ेगी । बाल विवाह मुक्त गांव बनाने की ओर पोंडा गांव अग्रसर है ।

जागरुकता अभियान के माध्यम से बच्चे के अधिकारों , कानूनों , बाल मुद्दों पर समुदाय को जागरूक बनाने का हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं । आज के अभियान में समाजसेवी सदानंद चटर्जी , राम वचन सिंह , नयन मुखर्जी , महेंद्र मुखर्जी युवाओं में इंद्रजीत कुमार , ऋषभ कुमार , अभिषेक आनंद उपस्थित थे जिन्होंने बच्चों के बीच मास्क वितरण का कार्य किया एवं सामाजिक दूरी कोरोना गाइडलाइंस का पालन करवाया । बच्चे से अंत में प्रश्नवाली भी की गई एव चॉकलेट कॉपी कलम के माध्यम से पुरस्कृत किया गया ।