मेहरमा में मनरेगा योजना चढ़ी भ्रष्टाचारी की भेंट

– मनरेगा में बिना काम किये जॉब कार्ड में आ रहा राशि
विजय कुमार की रिपोर्ट

मेहरमा : महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा। सरकार की यह योजना मेहरमा प्रखंड के माल प्रतापपुर पंचायत में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। रोजगार की गारंटी हो न हो लेकिन भ्रष्टाचार की पूरी गारंटी है।
दरअसल, मनरेगा में चौंकाने वाला मामला देखने को मिल रहा है। प्रखंड के माल प्रतापपुर पंचायत में चल रहे कई योजनाओं में बिना मजदूरों द्वारा काम किये बगैर पदाधिकारियों की मिलीभगत से मजदूरों के जॉब कार्ड से राशि की निकासी की जा रही है। बहरहाल जिला स्तरीय पदाधिकारी सरकारी आंकड़ों को सच मानकर काम कर रहे हैं, जबकि हकीकत इसके ठीक उलट है। तमाम तरह की निगरानी के बाद भी मेहरमा प्रखंड में मनरेगा योजना में धांधली जारी है।

कैसे निकाली जा रही है राशि

मनरेगा जॉब कार्ड के आधार पर मजदूरों का भुगतान डीबीटी के तहत सीधे उनके बैंक खाता में होते है। मेहरमा प्रखंड के माल प्रतापपुर पंचायत में कई बैंकों का ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) खुल गया है। सीएसपी वाले लैपटॉप व मोबाईल लेकर गांव चले जाते हैं। वहां बिचौलियों के माध्यम से संबंधित मजदूरों को बुला कर अंगूठा लगवा लिया जाता है। इसके बाद राशि की निकासी कर ली जाती है। इसके एवज में मजदूरों को प्रति जॉब कार्ड दो सौ से तीन सौ रुपये थमा दिया जाता है। कई ऐसे मनरेगा योजना में कार्य करने वाले बिचौलिया हैं जिनके पास खुद ही डिजिटल सेवा है जिसके कारण खाता धारी को पता भी नहीं चलता और पैसे की निकासी कर ली जाती है।

कैसे होता है गड़बड़झाला

प्रखंड में बिचौलिए सक्रिय है। यह बिचौलिए मनरेगा मजदूरों का जॉब कार्ड किराया पर ले लेता है। और उसके एवज में कुछ राशि जॉब कार्ड धारियों को दे दिया जाता है बाद में उसके जॉब कार्ड के आधार पर डाटा इंट्री करा दी जाती है। इस तरह से बिना काम किये ही मजदूरों के जॉब कार्ड पर राशि आवंटित हो जाती है। ऐसे सैकड़ों मजदूर है जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम है और 70 वर्ष से अधिक है जिनके खातों में मंगाया जा रहा है वहीं नियमों की अनदेखी करते हुए बिचौलिए उसकी राशि को निकाल लेते हैं। जानकारों की मानें तो अगर इसकी जांच सूक्ष्मता से हो जाये, तो एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।

गड़बड़ी और अनियमितता

मनरेगा योजना के तहत निर्मित माल प्रतापपुर पंचायत में अधिकतर सिंचाई कूप, पोखर, नाली खुदाई एवं अन्य योजनाओं का आधार निष्पक्ष तरीके से जांच करा ली जाए तो एक भी सिंचाई कूप का गहराई मापदंड के मुताबिक नहीं पाया जाएगा साथ ही पोखर खुदाई में काफी अनियमितता पाई जाएंगी कई ऐसे पोखर खुदाई योजना है जिस पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है और पैसे की निकासी कर ली गई है।

मेहरमा प्रखंड के तुलाराम भुस्का पंचायत अंतर्गत बेनीदास भुस्का गांव के मनरेगा मजदूर मोहम्मद सलाउद्दीन, जॉब कार्ड संख्या जेएच15041/023/001/1877, मंजूम निशा, 001/132 चुलाय मुसहर,001/177 सिराजउद्दीन बडा़, 001/1902 जहिरण, जहारून,001/650 जुलेखा, 001/652 अजीज 001/993 ये सभी लगभग वृद्धा पेंशन धारी और 70 साल उम्र वाले व्यक्ति हैं। लेकिन इन मनरेगा मजदूरों के खाता में राशि आ रही है, जो जांच का विषय है।
माल प्रतापपुर पंचायत का सबसे बड़ा मुख्य खासियत है सर किसी भी मनरेगा योजना स्थल पर कार्य शुरू होने से पूर्व या कार्य खत्म होने के बाद बोर्ड नहीं लगता है और बोर्ड लगाया भी जाता है तो एक सप्ताह के अंदर तोड़ दिया जाता है जानबूझकर