प्रशासन के द्वारा सील किये गए गुदड़ी बाजार के कई दूकानों में घुसा बरसात का पानी, नुकसान होनी की है आशंका

राजू कसेरा समेत ललित मोहन गिलुवा एवं पवन शंकर पांडेय ने गुदड़ी बाजार का किया निरीक्षण
रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के मद्देनजर चक्रधरपुर प्रशासन के द्वारा गुदड़ी बाजार को सील कर दिया गया था। यास चक्रवाती तूफान के आने से पूरा जिला अलर्ट था। यास तूफान से भारी बारिस के साथ तूफान की भी आशंका मौसम विभाग के द्वारा दी गई थी और 24, 25 और 26 मई को भारी बारिस हुई भी। भारी बारिस के कारण गुदड़ी बाज़ार के दुकानों में भी पानी घुस गया जिससे कई दुकानों में रखा सामान खराब होने की आशंका दुकानदारों के द्वारा जताई जा रही है। बाजार सील होने के कारण दुकानदार भी बाजार गुस नही सके। भारतीय जनता पार्टी पश्चिमि सिंहभूम के जिला उपाध्यक्ष ललित मोहन गिलुवा ने इस पर कहा, कि यास तूफान से हुई वर्षा से चक्रधरपुर गुदरी बाजार के अंदर लगभग सभी दुकानों में पानी घुस गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा पूरे गुदड़ी बाजार को सील कर दिया गया है। जिसके कारण गुदड़ी बाजार के अंदर जितने भी लोगों का दुकान हैं, वे सभी लोग अपनी दुकान को देख नहीं पाए। जिसके कारण दुकानदारों के समान वर्षा से काफी खराब हो गया हैं। गुदड़ी बाजार को सील करने से ऐसा लगता है, कि प्रशासन के द्वारा बड़ी भूल हुई है। आज जितने भी लोगों के समान खराब हुई हैं, उसकी स्थिति भी दयनीय हैं। आज उस व्यक्ति को, जिसके समान खराब हुए हैं, उसका मुआवजा कहां से मिल पाएगा। यह भी असमंजस की स्थिति है। यदि प्रशासन के द्वारा बाजार को सील नहीं किया जाता, तो दुकानदारों के समान खराब नहीं होते। इस पर राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। और जितने भी लोगों की दुकान में पानी प्रवेश हुआ है। तथा जिसके भी समान खराब हुए हैं। उसको उचित मुआवजा मिलनी चाहिए। इस पर सरकार तत्काल पहल करें। एक तो कोरोना से गरीब लोग परेशान हैं। दूसरा गुदड़ी बाजार को सील कर, वहां के दुकानदारों को बेवजह परेशान किया गया है। आज भीषण बारिश से उन लोगों की दुकानों के समान काफी खराब हो गए हैं। इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान पवन शंकर पांडेय, राजू कसेरा, ललित गिलुवा के साथ स्थानीय दुकानदर भी वहाँ मौजूद थे जिसमें कुंदन कुमार, तड़क प्रजापति, राजकुमार पासवान, गोपी, पप्पू कसेरा, राजेश साव, मंतोष, टिल्लू जायसवाल, गणेश जायसवाल आदि मौजूद थे।

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