झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान दिलाने को लेकर लेकर बैठक संपन्न

रांची: झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान – सम्मान सुविधाएं, पेंशन,नियोजन व पहचान देने की मांग पर आज झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, झारखंड आंदोलकारी मंच, झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा व झारखंड – वनांचल आंदोलनकारी मोर्चा की संयुक्त बैठक झारखंड विधायक क्लब में हुई। बैठक की अध्यक्षता संघर्ष मोर्चा के प्रभारी अध्यक्ष जर्मन बासकी,विषय प्रवेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू महतो,संचालन प्रवक्ता पुष्कर महतो ने किया। बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा निर्देश में आंदोलनकारी गुरुचरण किस्कू व जर्मन बासकी की अगुवाई में हुई ।
इस बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित मांगों पर विचार विमर्श किया गया एवं मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौपा जाएगा।
1- मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, एन ई होरो, बिनोद बिहारी महतो, निर्मल महतो, देवेंद्र माझी, सीपी तिर्की, डॉ रामदयाल मुंडा, डॉ बीपी केसरी, लाल रणविजय नाथ शाहदेव, रीतलाल प्रसाद वर्मा, एके राय, सोबरन अंसारी, बसीर अहमद,दुर्गा सोरेन, सहित हमारे सभी अमर पुरोधा झारखंड आंदोलनकारियों को महान झारखंड रत्न ( founding father of state,the great father of state, father of state) का सम्मान देकर अविलंब राजकीय पहचान व सम्मान प्रदान किया जाए। राज्य के दिशुम गुरु शिबू सोरेन से लेकर मथुरा प्रसाद महतो व सुदेश कुमार महतो तक 1-1 झारखंड आंदोलनकारियों, साहित्यकारों, कलाकारों एवं पत्रकारों को भी चिन्हित कर राजकीय मान – सम्मान,पेंशन,नियोजन व एवं पहचान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी आंदोलनकारियों का नाम गजट में प्रकाशित किया जाए।
2. झारखंड सरकार,गृह विभाग,संकल्प*संख्या -6, विविध -1013/2008-2108 का पालन करते हुए झारखंड आंदोलनकारियों को चिकित्सा सुविधा, आश्रितों को पेंशन, नियोजन एवं बच्चों को नियोजन आदि का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
3. झारखंड आंदोलनकारी चिंहितिकरण आयोग का पुनर्गठन अभिलंब किया जाए। आयोग में अध्यक्ष सहित कम से0 कम 11 सदस्य हों एवं आयोग का कार्यकाल कम से कम 3 वर्ष के लिए हो। आयोग में लंबित आवेदनों को चिन्हित करने के कार्य समयबद्ध हो।3
छूटे हुए आंदोलनकारियों के लिए विज्ञापन प्रकाशित कर सभी आवेदन आमंत्रित किया जाए।
4 – राज्य स्थापना दिवस के दिन से पेंशनधारियों का पेंशन भुगतान किया जाए।
5- झारखंड आंदोलन का कट ऑफ डेट( cut of date) निर्धारित किया जाए।
शहीद आंदोलनकारियों की पहचान करने का प्रारूप तय किया जाए।
6- झारखंड आंदोलनकारियों की जिला स्तरीय पहचान कमिटी चिन्हित आंदोलनकारी होना चाहिए।
7- झारखंड आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानी के तर्ज पर झारखंड आंदोलनकारी का दर्जा दिया जाए एवं राज्य स्तरीय समारोह आयोजन कर विशिष्ट पहचान पत्र देकर आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए।
8. जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करते हुए सभी झारखंड आंदोलनकारियों को 50,000 सम्मान पेंशन एक समान रूप से दिए जाएं।
9. झारखंड आंदोलनकारियों के लिए शहीद कॉरिडोर का निर्माण हो, राजधानी,उप राजधानी सहित सभी जिलों के चौक-चौराहों, मार्गों व सरकारी संस्थानों का नामकरण किया जाए।
10. झारखंड आंदोलनकारियों के पुत्र/पुत्रियों को प्राथमिक स्तर से उच्चतर स्तर तक तकनीकी सहित शिक्षा की विशेष व्यवस्था निशुल्क की जाए।
11. झारखंड आंदोलनकारियों को झारखंड राज्य आवास बोर्ड की कॉलोनियों में मकान आवंटित करने की नीति तय की जाए एवं आवास हेतु न्यूनतम 20 डिसमिल जमीन एवं कृषि कार्य के लिए न्यूनतम 5 एकड़ जमीन की बंदोबस्ती संबंधित जिलों/प्रखंडों में
की जाए।
झारखंड आंदोलनकारियों के वाणिज्य व्यापार के लिए अनुदान 50,00,000 तक मुहैया कराए जाएं।*साथ ही विशेष योजना बनाकर शहरी/ग्रामीण व अधिसूचित क्षेत्रों में झारखंड आंदोलनकारियों एवं उनके उत्तराधिकारी को स्वरोजगार का लाभ प्रदान किया जाए ।
12. झारखंड आंदोलनकारियों के लिए राज्य व जिलों के परिसदनों में नि:शुल्क ठहरने वगैरह की व्यवस्था हो।
राज्य के अंदर कहीं भी भ्रमण के लिए नि:शुल्क यात्रा व रेलवे कूपन की नीति सरकार तय करे।
आंदोलनकारियों के परिवार सहित सभी चिकित्सालय में विशिष्ट श्रेणी की मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
13. राज्य/कमिश्नरी/जिला/अनुमंडल/प्रखंड स्तरीय राज्य सरकार की सभी समितियों, निगम, बोर्ड प्राधिकारों में झारखंड आंदोलनकारियों की सहभागिता का 50 फीसदी तय किया जाए एवं राज्य सरकार की 20 सूत्री/15 सूत्री/ निगरानी समितियों के सभी अवसरों पर आंदोलनकारियों को 50 फीसदी स्थान दिया जाए।
14. खनन पट्टा स्वीकृति हेतु सभी प्रकार के खनिजों की लीज आर्डर में झारखंड आंदोलनकारियों को प्राथमिकता दी जाए एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापारिक लाइसेंसों में आंदोलनकारियों का कोटा 25 फीसदी तय किया जाए एवं कार्य आदेश भी सुनिश्चित की जाए।
15-झारखंड आंदोलनकारियों व परिजनों की समस्याओं के समाधान करने के लिए स्थाई रूप से एक सेल का गठन होना चाहिए।
16- खेवट -2 ,जमीन के राजमार्ग का नामकरण झारखंड आंदोलनकारी एन ई होरो के नाम पर किया जाए।
17- रांची – टाटा राजमार्ग का नामकरण झारखंड आंदोलनकारी शहीद निर्मल पथ किया जाए। रांची चाईबासा पथ का नामकरण झारखंड आंदोलनकारी शहीद देवेंद्र माझी के नाम रखा जाए। रांची धनबाद पथ का नामकरण अमर पुरोधा विनोद बिहारी महतो पथ किया जाए। रांची चतरा पथ का नामकरण बाबू राम नारायण सिंह पथ रखा जाय।
18- झारखंड आंदोलनकारियों के इतिहास को पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए। फिल्में,डॉकमेंट्री वगैरह सरकार द्वारा प्रोत्साहन देकर प्रमुखता के साथ बनाए जाए।
19- सामाजिक सरोकार के तहत झारखंड आंदोलनकारियों को धर्मशाला,पैलेस,स्कूल,कॉलेज व विश्वविद्यालय के सभागार में निशुल्क व्यवस्था होना चाहिए।
20- झारखंड आंदोलनकारियों के आत्मसुरक्षा को देखते हुए पिस्टल व राइफल का लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर प्रदान किया जाना चाहिए।
21- झारखंड आंदोलनकारियों के जमीन – जगहों के विवादों का निष्पादन के लिए उपायुक्त के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
22- वर्ष 2012 में झारखंड सरकार ,गृह ,कारा, आपदा प्रबंन विभाग द्वारा प्रकाशित झारखंड आंदोलन के सेनानी को रद्द कर नई पुस्तक प्रकाशित किया जाए।
23- वृहत झारखंड की मांग के क्रम में उड़ीसा,पश्चिम बंगाल व मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गिरफ्तार किए गए तथा जेल में बंद आंदोलनकारियों को भी झारखंड आंदोलनकारी घोषित करते हुए मान सम्मान, पेंशन,नियोजन व पहचान सुनिश्चित किया जाए।
24- झारखंड आंदोलनकारियों के लिए फरवरी 2021 को कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार के द्वारा लिए गए 5 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को लागू करते हुए क्षेतिज की बाध्यता को समाप्त कर अलग से ही आरक्षण लागू हो । 25. झारखंडी आत्म सुरक्षा हेतु तीर धनुष रखने की कानूनन इजाजत मिले।
26- झारखंड आंदोलनकारियों के पेंशन को 10 पेंशन हेड से जोड़ा जाए।
विचार रखने वालों में पूर्व विधायक मंगल सिंह बोंबोंगा,संतोष सहाय,संजय लकड़ा,आसमान सुंडी,
किशोर किस्कू,गोपाल रवानी,आजम अहमद,कामेश्वर पांडेय, आर के मेहता,सूरज देव भगत,राजकमल महतो,योगेश्वर बेसरा,बलदेव भुइया,नवाज़ हुसैन, प्रफुल्ल तात्वा,विमल कच्छप,प्रवीण प्रभाकर,महावीर विश्वकर्मा,उमेश यादव,सरोजनी कच्छप,विनीता अल्पना खलखो,सीमा देवी,कुंती देवी,मेरी टुडू,नारायण महतो, देबू महतो,अनिल वर्णवाल,निरंजन सोरेन सहित अन्य प्रमुख थे।