चक्रधरपुर थाना में दुर्गा पूजा को ले हुई बैठक, डीजे नही बजेंगे,गाइडलाइन का होगा पालन

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: आगामी दुर्गा पूजा को लेकर सोमवार की शाम चक्रधरपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक थाना प्रभारी प्रवीण कुमार की अध्यक्षयता में हुई। जहां पर दुर्गा पूजा के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन तथा आमरायों पर चर्चा हुई। जहां पर विधायक सह श्रीश्री केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सुखराम उरांव, संरक्षक अशोक षाड़ंगी, पूर्व नप अध्यक्ष केडी साह, थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, बीडीओ शक्तिकुंज, सीओ बाल किशोर महतो, विद्युत विभाग के एसडीओ मनोज कुमार निराला मुख्य रुप से उपस्थित थे। डीएसपी श्री मिना ने कहा कि पंडाल की सुरक्षित और सुरक्षा को लेकर सभी दुर्गा पूजा समितियों को विद्युत विभाग तथा अग्निशामक विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अब तक कोविड वैक्सीन नहीं लगा है। जबकि कहा जा रहा है कि तीसरी लहर भी फैलेगा। उसके मद्देनजर हमें बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देनी है। उसमें पूजा कमेटी को भी सहयोग करने की आवश्यकता है। उसके लिए पूजा कमेटी ऐसा कोई आकर्षक कार्य नहीं करें, ताकि भीड़ जूटे। उन्होंने कहा कि किसी थीम को लेकर पंडाल नहीं बनाएं और ना ही आकर्षक विद्युत सज्जा करें। साथ ही किसी तरह का कल्चरल कार्यक्रम नहीं करें। वहीं पूजा पंडाल के सदस्यों ने भी अपनी राय को बैठक में रखें। बैठक में कहा गया कि दुर्गा पूजा सरकारी गाइडलाइन के तहत सादगी किया जाएगा। पूजा में डीजे नहीं बजेंगे। लेकिन मंत्रोच्चार को लेकर छोटा लाउडस्पीकर बजाए जाएंगे। वहीं विसर्जन जुलूस निकलेगा। बैठक में नगर परिषद चक्रधरपुर को कहा गया कि पूजा शुरु होने से पहले ही शहर को स्वच्छ रखे। साथ ही मौसम को देखते हुए एक टीम तैयार रखे, ताकि बारिश होने पर जाम नालियों को सफाई किया जा सके। सड़क किनारे रखे मकान बनाने की सामग्रियों को पूजा से पहले हटवाएं। साथ ही शहर के पवन चौक की स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करें। इसके अलावे विद्युत विभाग को कहा गया कि प्रतिमा विसर्जन रुट की बिजली तारों को दुरुस्त करते हुए उंचा करें। बैठक में दया पाणी, दिनेश जेना, परेश मंडल, दिलीप महतो, राजू प्रसाद कसेरा, अनूप दूबे, राजेश शुक्ला, संजय पासवान, करन महतो, विनय कुमार बर्मन, संजय कुमार, गौतम रवानी, राजेश गुप्ता, अरुण कुमार, प्रो डॉ शिवपूजन सिंह, अनवर खान, सोमनाथ रजक समेत काफी संख्या में पूजा समिति के सदस्य और शांति समिति के सदस्य मौजूद थे।