मेहरमा में तेजी से फल-फूल रहा लकड़ी तस्करी का कारोबार

विजय कुमार की रिपोर्ट

मेहरमा : मेहरमा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ी और कोयला का धंधा रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। सूत्रों का दावा है कि लकड़ी का कारोबार पुलिस संरक्षण में तेजी से फल फूल रहा है। शाम ढलते ही लकड़ी माफिया सक्रिय हो जाते हैं। अंधेरे में दिग्घी, सुखाड़ी, पिरोजपुर, मैनाचक, कसबा गांव के अलग- अलग रास्ते होते हुए विभिन्न आरा मिलों में लकड़ी तस्करी के नियत से प्रतिदिन ट्रैक्टर और जुगाड़ वाहन से ढुलाई किया जाता हैं।
दूसरी तरफ अवैध कोयला ललमटिया ले ढुलाई कर बेचने के लिए मेहरमा थाना क्षेत्र के रास्ते बिहार सीमा तक सेफ जोन बना हुआ है। अवैध लकड़ी तस्करी का खेल मेहरमा प्रखंड के खुफिया रास्तों के माध्यम से चलता है।इस संबंध में सबसे अहम तथ्य यह है कि लकड़ी के अवैध कारोबारियों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है।
हालांकि यह भी देखा जाता है कि क्षेत्र में जितने भी लकड़ी माफिया सक्रिय हैं, उनका अधिकारियों से निलने-जुलने की तस्वीर कभी भी देखी जा सकती है।

इस संबंध में वन प्रमंडल पदाधिकारी पीआर नायडू ने बताया कि इस तरह की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह की लकड़ी तस्करी हो रही है तो पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश से बात कर स्थानीय पुलिस की मदद लेते हुए वन विभाग द्वारा पेट्रोलिंग तेज कराया जाएगा और लकड़ी तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।