जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के सदस्यों ने पीएम के नाम एक ज्ञापन डीसी को सौपा

पाकुड़ : जनसंख्या समाधान फाउंडेशन जिला इकाई पाकुड़ का एक पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष हिसाबी राय के नेतृत्व में उपायुक्त पाकुङ से मिलकर जनसंख्या समाधान अधिनियम से संबंधित एक ज्ञापन समर्पित किया और अपने स्तर से प्रधानमंत्री भारत सरकार को प्रेषित करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में जिले के सभी प्रखंडों से जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिसमें फाउंडेशन के संरक्षक अनुग्राहित प्रसाद साह,विभाग प्रभारी विश्वनाथ प्रसाद भगत,युवा विंग के जिलाध्यक्ष अनिकेत गोस्वामी,महिला विंग की जिलाध्यक्ष शबरी पाल,जिला परिषद के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार शुक्ला,नगर परिषद के उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा,वार्ड पार्षद अशोक प्रसाद,राणा ओझा,शीलारानी हेमब्रम शामिल हुए।ज्ञापन के बावत फाउंडेशन के संरक्षक अनुग्रहित प्रसाथ साह ने कहा कि जनसंख्या के मामले में विश्व में भारत का दूसरा स्थान है,जबकि चीन का पहला स्थान है,जो जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने हेतु व्यवस्था बना चुका है।लेकिन अपने देश भारत में इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है जबकि देश की सभी समस्याओं का मूल कारण आवाज गति से बढ़ रही जनसंख्या है। आज भारत की जनसंख्या 138 करोड़ के पार कर चुकी है।तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या और प्रदूषण मानव अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है।उन्होने कहा कि हमारे पास संसाधन सीमित है और जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है,जिसके कारण अनेक प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है।हम ज्ञापन के जरीये प्रधानमंत्री के पास सदेश प्रेसित कर रहे है ताकि इस पर नियंत्रण लाया जा सके।वहीं फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष हिसाबी राय ने कहा कि जनसंख्या समाधान फाउंडेशन आज पूरे देश में जन जागरण अभियान चला रही है और जनसंख्या वृद्धि के कारण आने वाले खतरे से आगाह कर रही है।11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस है।इस अवसर पर 9 एवं 10 जुलाई को पूरे देश में जिलों और प्रखंडों में जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के कार्यकर्ता जनसंख्या वृद्धि को रोकने हेतु का कानून बनाने से संबंधित मांग पत्र सौंप रहे हैं।जनसंख्या समाधान फाउंडेशन जिला इकाई पाकुड़ मांग करती है कि जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने के लिए देश में एक ऐसा कानून बने जो जाति,धर्म,संप्रदाय से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होयदो से अधिक बच्चा पैदा करने पर दंपती को सरकारी सुविधा और अनुदान से वंचित किया जाएयदो बच्चों का अनिवार्य कानून बने और इसका उल्लंघन करने वालों को सरकारी सेवा की पात्रता समाप्त कर दी जाएयतीसरा संतान होने पर माता पिता और बच्चे को जीवन पर्यंत मताधिकार समाप्त किया जाए और चौथे बच्चे पर दंपत्ति को दस वर्ष का कारावास का प्रावधान किया जाए।उक्त नियमों के पारित करने और लागू करने के लिए आवश्यकता पड़े तो संविधान में संशोधन किया जाए।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया जिसमें डॉ राम रंजन सिंह भागीरथ तिवारी,शीखा देवी,प्रीति कुमारी पूर्व प्रधानध्यापिका अल्पना मुखर्जी, पूर्व वार्ड पार्षद बेला मुजूमदार,साधना ओझा,पूनम कुमारी,केकारानी सिन्हा, तुलसी वर्धन,सर्वानी दास,मीना कर्मकार,पार्वती देवी,राणा शुक्ला, सुशील साहा, राजेश डोकानियां,धर्मेंद्र साह,गोपी दुबे,धर्मेंद्र त्रिवेदी,मनीष पाण्डेय,सुनील सिंह चंद्रवंशी,रंजीत चौबे,तौफीक राज,नंदलाल ओझा, बहादुर मंडल सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।