लोहरदगा: मिड डे मिल के नाम पर बच्चों के जान से हुआ खिलवाड़

लोहादगा: आज जहां पूरा विश्व में कोरोना का कहर जारी है वहीं लोहरदगा में बच्चों के जान के साथ खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। मिड डे मील के नाम पर आज बच्चों को स्कूल बुलाया गया, जबकि बच्चों के बीच कहीं भी ना तो सोशल डिसटेंसिंग था ना ही पीएम मोदी के लाॅकडाउन का पालन किया गया, बल्कि लाॅकडाउन का खुला उल्लंघन किया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद बचें और सबको बचाए अभियान चला कर सभी सरकारी /प्राइवेट स्कूलों तथा सभी शिक्षण संस्थानों के साथ साथ अन्य संस्थानों में भीड़ न हो इसके लिए 14 अप्रैल तक बंद की घोषणा किया गया है , ताकि भारत जैसी घनी आबादी को बचा लिया जाय इसके उलंघन के लिए भारतीय दण्ड संहिता की धाराओं 269,270,188 और महामारी रोग अधिनियम 1897 के सेक्शन 3 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी है।  ऐसे में लोहरदगा मध्य विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका रेखा सोनी अपनी वाहवाही लूटने और पदाधिकारी की चहेती बनने के लिए स्कूल के बच्चों को चावल/राशि वितरण करने हेतु अपना स्कूल ही बुला ली। सैकड़ों बच्चों के पहुंचने पर जब अफरातफरी मचने लगी तो वहां उपस्तिथि एसएमसी अध्यक्ष लक्ष्मी टोप्पो का कहना था कि प्रभारी प्रधानाध्यापिका द्वारा फोन करके आज 8 बजे सुबह गांव के बच्चों को स्कूल बुलाई थी और मुझे भी वितरण करने हेतु उपस्तिथि रहने का निर्देश दी थी तो मै उपस्तिथि थी। साथ में माता समिति के सदस्यगण भी उपस्तिथि थे।  सहायक शिक्षिका किरण कुमारी और प्रभारी प्रधानाध्यापिका के पतिदेव अरूण कुमार स्वयं इस अवधि में उपस्तिथि थे परंतु जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने चहेते को बचाने के लिए कह रहे है कि कन्फ्यूजन से बच्चे स्कूल चले आए।

लापरवाही बरतने वाले प्रभारी पर अविलंब करवाई की मांग वहां के अभिभावकों ने कि है कि जब गांव गांव में जाकर डिस्टेंस रख कर चावल वितरण करना था तो इतनी बड़ी लापरवाही करके सैकड़ों बच्चों की जान लेने तबाही करने का आदेश किसके शाह पर देकर स्कूल बुलाया गया था।