एमकेएस कंस्ट्रक्शन कंपनी जरूरतमंदों की सेवा में लगातार जुटी हुई है, रोजाना कईयों को करा रही है भोजन

देवघर से दीपनारायण की रिपोर्ट
देवघर:लॉक डाउन के इस आपदा में जहां केंद्र और राज्य सरकार लोगों को राहत देने के लिए दिन-रात एक कर रही है वहीं देवघर के कुछ समाजसेवी और युवा भी गरीबों की मदद के लिए आगे आये हैं। खास बात यह है कि यह सेवा लोगों को बुलाकर मजमा लगाकर नहीं किया जाता। बल्कि उन मजबूर और बेबस लोगों की पहचान छुपाकर उनकी मदद की जा रही है। रोजाना 100 से 150 घरों में ये मदद पहुँचाई जा रही है जिसकी तैयारी रात भर की जाती है। मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं एम के एस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने जरूरतमंदों की मदद के लिए बड़ी राहत की शुरुआत की है। जिसमें अट्ठारह वॉलिंटियर काम कर रहे हैं दिन रात यह खाद्य सामग्रियों को पैकिंग करने में जुटे हैं इस मदद की सबसे खास बात यह है कि मनोज कुमार सिंह एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं लेकिन इनका मानना है कि ईश्वर की दया से आज इनके पास सब कुछ है कभी एक दौर था जब यह भी मजदूरी करते थे आज भगवान ने इन्हें दिया है तो आपदा की इस घड़ी में लोगों की सेवा के लिए सामने आए हैं लेकिन यहां पर सेवा इस ढंग से की जा रही है कि जिन लोगों को मदद की जा रही है उनकी पहचान छुपा कर रखी जाती है मनोज कुमार सिंह कहते हैं कि यह आज मजबूर हैं लाचार हैं कल तक इनके पास काम था आज काम नहीं है ऐसे में अगर यह मदद की गुहार लगा रहे हैं तो यह इनकी मजबूरी है ऐसे में इनके मजबूरी का सोशल मीडिया पर प्रदर्शन करना सही नहीं है इसलिए इन लोगों ने तय किया है कि देवघर और आसपास के क्षेत्रों में जिन्हें भी मदद की जरूरत पड़ती है उनके घर तक 1 महीने और परिवार के अनुसार 2 महीने का राशन दिया जा रहा है जिसमें आलू आटा दाल टेल सहित मसाले और अन्य चीजें शामिल है इसमें खास ख्याल रखा जाता है कि लोगों की पहचान छुपाकर रखी जाए 1 दिन में तकरीबन डेढ़ सौ परिवारों को यह मदद पहुंचाई जा रही है लोग भी खुश हैं कि उनकी समाज में इज्जत और प्रतिष्ठा भी बची रह गई फिलहाल किसी को भी खाद्य सामग्रियों की जरूरत पड़ती है वह एक टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं कॉल करने के बाद इनके घर के सदस्यों की संख्या पूछी जाती है और उसी दिन याद ठीक उसके दूसरे दिन उनके घरों में 1 महीने और 2 महीने का राशन पहुंच जाता है साथ ही उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाती है यहां पर 18 वालंटियर भी काम कर रहे हैं जो कि 24 घंटे पैकिंग करने में जुटे हैं यहां पर सभी को मांस के गिलास और सैनिटाइजर दिए गए हैं ताकि पूरी तरह से सैनिटाइज होकर ही यह खाना को पैक करते हैं।