अन्नदाताओं के संघर्ष आगे नतमस्तक हुई मोदी सरकार : कांग्रेस

कृषि कानून वापसी पर कांग्रेस का प्रेसवार्ता आयोजित, मनाया विजय दिवस के रूप में
रामगोपाल जेना
चाईबासा : अत्याचारी केंद्र सरकार के त्रुटिपूर्ण निर्णय के खिलाफ अन्नदाताओ के साहसपूर्ण एवं निरंतर संघर्ष के फलस्वरूप केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेनी पड़ी, इसी संदर्भ में प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के निर्देशानुसार ,कांग्रेस भवन में कार्यकारी जिलाध्यक्ष अंबर राय चौधरी एवं रंजन बोयपाई की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता कार्यक्रम आयोजित की गई, एक प्रेस वार्ता कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष अंबर राय चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी जी के नेतृत्व में संयुक्त विपक्ष के द्वारा तीनों कृषि कानून रद्द करने के लिए पूरे देश भर में सड़क पर उतर कर आंदोलन किया गया, अन्नदाताओं के द्वारा चलाए गए आंदोलन को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के द्वारा जन आंदोलन बनाने का काम किया गया, कार्यकारी अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आजादी के पहले से ही किसानों के लिए आंदोलन कर उनका अधिकार दिलाने का काम किया है, आजादी के पहले चंपारण में नील खेती के किसान का मामला हो या फिर 1928 बरदोली में ब्रिटिश सरकार के द्वारा किसानों के ऊपर अनावश्यक 22% टैक्स बढ़ाने का मामला ,कांग्रेस पार्टी ने हमेशा किसान हित में कार्य किया है । जिला प्रवक्ता जितेंद्र नाथ ओझा ने कहा कि किसान आंदोलन में जिन किसानों ने अपनी आहुति दी है यह जीत उनको समर्पित है, केंद्र सरकार मृतक किसानों को मुआवजा दे और आंदोलन आंदोलन में किसानों के ऊपर लगाए गए वेबदुनिया मुकदमा वापिस ले,
प्रेस वार्ता में प्रवक्ता जितेन्द्र नाथ ओझा , सांसद प्रतिनिधि त्रिशानु राय , राकेश सिंह , युवा कांग्रेस नगर अध्यक्ष मो.सलीम , महिप कुदादा उपस्थित थे ।