पर्यावरण के लिए नदी नाले बचाने की आवश्यकता : अफसर आलम

बसंत कुमार गुप्ता

गुमला: गुमला नगर परिषद के अंतर्गत पड़ने वाले छोटी नदी नालों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। गुमला जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अफसर आलम में एक बयान जारी कर उपायुक्त गुमला एवं नगर परिषद के पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा है कि गुमला नगर परिषद के अंतर्गत विभिन्न वार्डों के अंतर में पड़ने वाले शहर के रामनगर बस डिपो सरना टोली हुसैन नगर आजाद बस्ती विंध्याचल नैटरो डैम स्कूल खड़िया पाड़ा डूमर टोली के अंतर्गत पड़ने वाले बरसाती नदी नालों पर वर्षों से अतिक्रमण होता चला आ रहा है। इतना ही नहीं अब भू माफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों पर जहां शहर के विभिन्न मार्गो से होकर नदी में प्रवाहित होकर जो जल नालों से होता हुआ नदियों में जा मिलता था आज वैसे नालों पर खतरे का बादल बुलाने लगा क्योंकि जो भी गंदा पानी तो था घरों से दूषित पानी निकलता है वह इन्हीं प्रवाहित नदियों नालों में जाकर मिला करता था ज्ञात हो कि शहर का पूरा पानी थाना रोड होता हुआ रजा कॉलोनी खड़िया पड़ा गौस नगर बाजार कानपुर इस्लामपुर आदि का पानी आजाद बस्ती हुसैन नगर से नालों में जाता है इसकी वजह केयर महलों में जलजमाव के कारण और गंदगी नालों में भरे होने के वजह कर दूषित और संक्रमित होने का पूरी संभावना खासकर बरसात में हो जाया करता है इसलिए जिला प्रशासन और नगर परिषद से अनुरोध है कि वैसे सभी क्षेत्रों का सीमांकन कर अतिक्रमण से बचाया जाए क्योंकि नगर परिषद के बोर्ड की बैठकों में कई बार सीमांकन कराने हेतु बातें उठाई जा चुकी है परंतु कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है जिसके चलते भू माफियाओं द्वारा वैसे जमीनों का पहचान कर धड़ल्ले से खरीद बिक्री का धंधा वर्षों से चल रहा है भोले भाले गरीब जनता वैसे भूमि को खरीद कर परेशान होना पड़ता है दूसरी तरफ घरों का गंदा पानी और कूड़ा करकट यदा-कदा कूड़ेदान में ना डाल कर लोग चलने वाले आम राहों पर डालने को विवश है.

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