नई पेंशन योजना के विरोध में कर्मचारियों ने निकाली रैली

– पाना है पेंशन का अधिकार जाना है मुख्यमंत्री द्वार, कार्यक्रम के तहत सरकारी कर्मियों ने रैली निकालकर की पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग
नीलकांत मंडल की रिपोर्ट
गोड्डा: नई पेंशन योजना के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों में आक्रोश गहराता जा रहा है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने शनिवार को विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में प्रदर्शन किया।
मालूम हो कि 1 दिसंबर 2004 के उपरांत सरकारी सेवा में योगदान करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना प्रभावी नहीं रह गई है।
सुनिश्चित पेंशन योजना को समाप्त कर शेयर बाजार आधारित एक नई पेंशन योजना लागू की गई है । योजना में न्यूनतम पेंशन की कोई गारंटी नहीं होने के कारण कई गंभीर खामियां है । इसके कारण सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंता सता रही है ।
नई पेंशन योजना के तहत सरकार के साथ कर्मचारियों को भी वेतन का 10 प्रतिशत की राशि एनपीएस खाते में जमा करना पड़ता है। जिस पर राज्य सरकार की कोई नियंत्रण नहीं होता है ।
रैली में शामिल कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू कर राज्य के लगभग 1,20,000 कर्मचारियों, अधिकारियों के वेतन के 10 प्रतिशत की राशि, जो वर्ष में लगभग 800 करोड़ होता है,
उसे बचाया जा सकता है।
राज्य के सभी विभागों के कर्मचारी पिछले कई वर्षों से आन्दोलनरत हैं। इसी कड़ी से गोड्डा प्रखंड के कर्मचारियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।