निःशक्ता आयुक्त ने किया दिव्यांग चलंत न्यायालय सह जागरूकता शिविर का उद्घाटन

लिट्टीपाड़ा: दिव्यांग के चलंत न्यायालय सह जागरूकता शिविर का उदघाटन सोमवार को राज्य निःशक्तता आयुक्त सतीश चन्द्रा व समाज कल्याण पदाधिकारी चित्रा यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया।राज्य आयुक्त ने दिव्यांगों को सम्बोधित करते हुए कहा निःशक्त की सेवा घर घर जाकर करना हमारा दायित्व है।दिव्यांग कभी समाज के लिए बाधक नही रहा है।इतिहास पलट कर देखने से पता चलेगा ,बहुत ऐसे महान व्यक्ति थे जो दिव्यांग थे और अपनी कृति गाथा रच कर गए। सूरदास जो आँख से अंधे थे पर उनकी रचि गयी कविताए आज भी हमलोग पढ़ते व लिखते है।दिव्यांग होने के बाबजूद मो जेइसी भी महान काव्य रचियेता थे।इसलिए दिव्यांग विकास का बाधक नही है।दृढ़ इक्षा शक्ति हो तो दिव्यांगता कोई बाधक नही हो सकता है।उन्होंने कहा क्षेत्रीय भाषा के दिक्कतो को देखते हुए पाकुड़ जिले में दिव्यांगों को सहयोग करने के लिए क्षेत्रीय भाषा के अधिकारी व कर्मचारी की प्रतिनुक्ति की जाएगी। केंद्र व राज्य सरकार दिव्यांगों के विकास के लिए हर स्तर पर कार्य कर रही है।जो दिव्यांग शरीर के किसी भी अंग में40 फीसदी अपंग होने पर उन्हें दिव्यांग का लाभ दिया जाएगा। कोई अधिकारी व कर्मचारी दिव्यांग के सेवा करने में कोताही बरतने पर करवाई के लिए तैयार रहे।साथ दिव्यांगों को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले पर कानूनी करवाई की जाएगी।इसके लिए सरकार ने कानून भी बनाया है।सरकार ने 2016 में दिव्यांग अधिनियम भी पास किया है।दिव्यांग को स्वरोजगार के लिए एक लाख अनुदान दिया जाएगा। जिसकी शुरुवात इस वितीय वर्ष से की जाएगी।
उन्होंने कहा दिव्यांगों को पढ़ाई के लिए 5 फीसदी, सरकारी सेवा में 5 प्रतिशत व स्वरोजगार के लिए भी अनुदान दिया जाएगा। अगर दिव्यांग सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर स्वरोजगार करना चाहता है तो एक लाख रुपया अनुदान दिया जाएगा। वही जो दिव्यांग स्वयं स्वरोजगार करना चाहता है तो सरकार उन्हें 50 हजार अनुदान देंगी। वही रोजगार के लिए मुफ्त में उन्हें आरशेडी के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।उन्होंने कहा पाकुड़ जिले के जिला आपूर्ति पदाधिकारी शिवनारायण द्वारा दिव्यांगों के ग्रुप को पीडीएस का कार्य भी दे रही है,जो अच्छी पहल है। वही कई दिव्यांगों ने कई माह से पेंशन नही मिलने का शिकायत करने पर आयुक्त ने कहा राशि के अभाव वस पेंशन खाता में भेजा नही गया है। राशि उपलब्ध होते ही सभी के खाते में रुपया भेज दिया जाएगा। उन्होंने तीन दिव्यांग खतेजा खातून,कायस मियां व सकला सोरेन को व्हील चेयर दिया। दिव्यांगों को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी चित्रा यादव व आइटीडीए निदेशक साहिद इकबाल ने भी सम्बोधित किया।शिविर में पूरे जिले के दिव्यांग पहुचे । जहाँ चिकित्सक टीम द्वारा शारीरिक जांच कर सर्टिफिकेट दिया गया और 500 से भी ज्यादा दिव्यांग प्रमाण पत्र व लाभ पाने के लिए आवेदन जमा हुआ। शिविर में दर्जनों अभ्यर्थी से आयुक्त उनकी समस्या सुनी और मोके पर उपस्थित अधिकारियो को सॉर्ट आउट करने का आदेश दिया। मोके पर जिला शिक्षा अधीक्षक दुर्गनन्द झा, बीडीओ संजय कुमार, सीडीपीओ गीता एलबिना बेसरा,एमओ सत्येंद्र कुमार समेत कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित ।