जय झारखंड संगठन के द्वारा उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय लीडर्स मीट का आयोजन

रामगढ़: जय झारखण्ड” संगठन द्वारा झारखण्ड के मूलवासियों की पहचान एवं अस्मिता के लिए उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय “लीडर्स मीट – सामाजिक अगुवाओं का जुटान” कार्यक्रम का आयोजन  रविवार को भारत माता कल्याण मण्डप, पेटरवार, बोकारो में संपन्न हुआ I इस मीट में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के विभिन्न जिलों से सैकड़ों  की संख्या में प्रतिभागी भाग लिएI विषय प्रवेश कराते हुए प्रकाश डाला गया कि विगत 20 वर्षों में हमलोगों ने सभी राजनैतिक पार्टियों और राजनीतिज्ञों को देख लिया, राज्य का विकास और मूलनिवासियों के बेहतरी के लिए किसी में भी कोई गंभीरता नहीं है I हम सभी अपने ही लोगों द्वारा लगातार ठगे जाते रहे हैं I झारखण्डी पहचान और अस्मिता की लड़ाई जहाँ की वहीँ है I हमारे साथ अलग हुए छत्तीसगढ़ और उतराखण्ड ने इस मामले को प्रारंभ में ही सुलझाते हुए विकास की नई कहानी गढ़ी और कई पुराने राज्यों से आगे निकल गए I झारखण्ड अभी भी विकास के सभी सूचकों में नीचे से शीर्ष में  रहने के जद्दोजहद में है I ऐसे में सामाजिक अगुआओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है और सामान विचारधारा के साथियों को संगठित और एकजुट कर संगठित रूप से रणनीति बनाते हुए अपने विशिष्ट पहचान एवं अस्मिता को हासिल करना संभव होगा Iजय झारखंड संगठन के द्वारा उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय लीडर्स मीट का आयोजन। रामगढ़।                                जय झारखण्ड” संगठन द्वारा झारखण्ड के मूलवासियों की पहचान एवं अस्मिता के लिए उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय “लीडर्स मीट – सामाजिक अगुवाओं का जुटान” कार्यक्रम का आयोजन  रविवार को भारत माता कल्याण मण्डप, पेटरवार, बोकारो में संपन्न हुआ I इस मीट में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के विभिन्न जिलों से सैकड़ों  की संख्या में प्रतिभागी भाग लिएI विषय प्रवेश कराते हुए प्रकाश डाला गया कि विगत 20 वर्षों में हमलोगों ने सभी राजनैतिक पार्टियों और राजनीतिज्ञों को देख लिया, राज्य का विकास और मूलनिवासियों के बेहतरी के लिए किसी में भी कोई गंभीरता नहीं है I हम सभी अपने ही लोगों द्वारा लगातार ठगे जाते रहे हैं I झारखण्डी पहचान और अस्मिता की लड़ाई जहाँ की वहीँ है I हमारे साथ अलग हुए छत्तीसगढ़ और उतराखण्ड ने इस मामले को प्रारंभ में ही सुलझाते हुए विकास की नई कहानी गढ़ी और कई पुराने राज्यों से आगे निकल गए I झारखण्ड अभी भी विकास के सभी सूचकों में नीचे से शीर्ष में  रहने के जद्दोजहद में है I ऐसे में सामाजिक अगुआओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है और सामान विचारधारा के साथियों को संगठित और एकजुट कर संगठित रूप से रणनीति बनाते हुए अपने विशिष्ट पहचान एवं अस्मिता को हासिल करना संभव होगा I सभी सामजिक अगुवाओं  ने अपने अपने विचार व्यक्त किये और झारखण्ड की दुर्व्यवस्था के लिए सभी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनैतिक पार्टियों को जिम्मेदार मानाI सभी के साथ चर्चा में साझा समझ बनी कि संगठन से सभी वर्ग और पृष्ठभूमि के लोगों को संगठन से जोड़ा जाय और स्थानीयता को पुनर्भाषित करने के लिए सरकार के साथ वार्ता किया जाय I सरकार का सकारात्मक रुख नहीं रहने पर जोरदार जनांदोलन करने की प्रतिबद्धता जाहिर की I उक्त बैठक में यह भी बात आई कि वर्त्तमान सरकार के द्वारा वर्ष 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित की गई है और लगभग एक लाख नए पदों को सृजित कर भरने की कवायद होने की घोषणा हो रही है I नियुक्ति से पहले यदि मूलवासियों के हित में स्पष्ट स्थानीय नीति नहीं बनती है और OBC की बड़ी जनसंख्या को उनके संख्या के अनुरूप आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया तो एक बड़ा वर्ग को इन नियुक्तियों का फायदा नहीं मिल पायेगा I इस बैठक में जिला खनिज विकास फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के प्रावधानों और उसमें बरती जा रही अनियमितताओं के बारे विस्तार से चर्चा की गई I   दूर दराज से आये सभी प्रतिभागियों ने अपने अपने प्रखंडों एवं जिलों में जाकर लोगों को संगठन और आन्दोलन से जोड़ने की प्रतिबद्धता की जाहिर करने के साथ लीडर्स मीट का समापन किया गया I  इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व मंत्री व् पूर्व विधायक  छत्रु राम महतो,  पंचानन महतो,  पंकज कुमार सिन्हा, बानेश्वर महतो, अजित महतो, निरंजन महतो, सुनील जायसवाल, जगदेव महतो, अशोक महतो, विजय किशोर गौतम, चन्द्र भूषण टुडू, प्रेम प्रतिक, किशोर कुमार, सूर्य नारायण महतो, देव नारायण मुर्मू, केदार महतो, अनिल कुमार महतो आदि सैकड़ों लोगों ने भाग लिया I इस बैठक में जय झारखंड के केन्द्रीय समन्वय समिति से सुनील महतो, विनय महतो, प्रमोद ठाकुर, विमल अरविन्द, संतोष महतो, विशाल सिन्हा भी शामिल हुए I