एक करोड़ इनामी कुख्यात नक्सली किशन दा कांड्रा गिद्दीबेड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार

– किशन दा एवं उनकी पत्नी सहित पांच लोग गिरफ्तार
– प्रशासन द्वारा नही की गयी है आधिकारिक पुष्टि
कांड्रा से के दुर्गा राव की रिपोर्ट

कांड्रा। झारखंड,बिहार, बंगाल और उड़ीसा के कुख्यात नक्सली सुप्रीमो कमांडर और एक करोड़ के इनामी प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ बूढ़ा अपनी पत्नी शीला मरांडी चालक एवं एक महिला( संभवत: डाली)व एक 5 साल की बच्ची के साथ शुक्रवार को प्रातः 5:00 बजे किशन दा हाईकोर नक्सली की स्कॉर्पियो संख्या JH22C 2866 आईबी एवं एसटीएफ की विशेष टीम गाड़ी का पीछा करती हुऐ। कांड्रा के गिद्दीबेडा टोल प्लाजा पार होने से पूर्व धर दबोचा और आपको बता दें कि पहले ही सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस के वरीय पदाधिकारी एवं कई थाना के प्रभारी सहित पुलिस बल पहले से ही सादे लिबास पर तैनात थे। वरीय अधिकारियों का इशारा मिलते ही झारखंड, बिहार,उड़ीसा और पश्चिम बंगाल पुलिस के नाक में दम करने वाले हाईकोर नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को धर दबोचा में कामयाब रहे। किशन दा का लंबे समय से बीमार चल रहे थे। किशन दा समेत 5 लोगों को पुलिस द्वारा अपने गिरफ्त में लेकर वापस सरायकेला ले गई। वैसे दिन भर संभावना और कयासों का दौर चलता रहा हालांकि जिला पुलिस की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। माना जा रहा है कि कुख्यात नक्सली महाराज प्रमाणिक के अघोषित सरेंडर के बाद कि किशन दा उर्फ बुढ़ा की गिरफ्तारी हुई है संभव है कि महाराज प्रमाणिक ने ही किशन दा के मूवमेंट की जानकारी पुलिस को दी, किशन दा गिरफ्तार होने के बाद अब लगता है नक्सली मूवमेंट पूरी तरह खत्म की और है। आपको बता दें नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के जनक के रूप में प्रशांत बोस किशन दा ने बड़ी भूमिका निभाई थी। मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले प्रशांत बोस उर्फ किशन दा इलाज हेतु जमशेदपुर की ओर जा रहे थे। प्रशांत बोस उर्फ किशन दा लंबे समय से झारखंड, बंगाल और उड़ीसा नक्सली आतंक का पर्याय बन चुके थे। उनके द्वारा कई बड़ी घटनाएं इन राज्यों में हुई है। उनकी गिरफ्तारी होने से एक बहुत बड़ी सफलता पुलिस को हाथ लगी। अब क्षेत्र में नक्सलियों का मनोबल गिरेगा।