अब पक्की मकान की आशा छोड़ दी है मोसमात राधा, उम्मीद सिर्फ भगवान भरोसे

हनवारा से जावेद अख्तर

हनवारा: महागामा प्रखण्ड अंतर्गत कोयला पंचायत के बिशनपुर गांव के मोसमात राधा देवी (67) जिन्हें सिर छुपाने के लिए महज एक पन्नी से लिपटी फूंस का ही घर है। इसे किस्मत का खेल कहिए या सिस्टम का। पन्नी पर घांस उगा हुआ टूटी फूटी फूंस का घर है, जिसमे मोसमात राधा देवी रहतीं है। इनके लाख प्रयास के बावजूद भी सरकार द्वारा चलाये जा रहे कल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अथवा आवास प्लस का लाभ नही ले पाए है। और आजकल जारी किया गया अगर आप आवास प्लस लिस्ट देखेंगे तो आपके हौंस उड़ जाएंगे की आखिर यह लिस्ट तैयार करने वाले कौन है जो पक्का मकान वाले को लिस्ट में जोड़ा गया है। वहीं मोसमात राधा देवी बताती है कि करीब 6 सालों से गांव के जनप्रतिनिधियों को कहती रही लेकिन किसी ने भी मेरी बात को गम्भीरता से नही लिया। घर की हालात इतनी बदतर हो गई है कि बरसात के दिनों में घर मे ही तालाब बन जाता है। डर लगता है रहने में, कैसे रहूंगी। मिट्टी का बना घर है वो भी वर्षो पुराना कब गिर जाएगा इसकी जानकारी किसी को नही। घर का छत भी उतना ठीक नही है। पुआल से किसी तरह ढंक के रखी हूँ। उसमे भी घास उग गया है। अब तो छत की हरियाली देखकर गांव की सरकार को शर्म आनी चाहिए, लेकिन क्या करें कोई दुख दर्द में साथ देने वाला नही हैं। एक बेटा हैं वो भी इस बुढ़ापे में सहारा देना छोड़ दिया हैं। वो अलग थलग रहता हैं अपने परिवार को लेकर, अब तो थोड़ी बहुत जिंदगी बची है गुहार लगाते लगाते थक गई हूँ। किसी तरह जीवन काट लेंगे। अब समझ से बाहर हो गया हैं कि कैसे और किनसे गुहार लगाउंगी। आगे मोसमात राधा देवी बतातीं हैं कि पक्की मकान को लेकर कई बार मुखिया को बोले लेकिन सिर्फ आश्वासन देते रहे। हमें भी शौक हैं कि पक्की मकान में रहकर अरमान पूरा करतीं। जो हमे पक्की मकान दिला दी तो जरूर वो भगवान के भेजे हुए दूत ही होंगे। क्योंकि अब आशा ही खत्म हो गई हैं हमारी। हमारी सरकार और जिला प्रशासन से यही मांग हैं कि कम से कम सिर छुपाने के लिए एक पक्की मकान दे दीजिए हुजूर।