एनएसयूआई ने टेक्निकल विवि के विभिन्न मामलों को लेकर तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन

रांची: कांग्रेस छात्र संगठन झारखंड एन.एस.यू.आई के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने टेक्निकल यूनिवर्सिटी के विभिन्न मामलो को लेकर झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के.खंडेलवाल जी को ज्ञापन सौंपा। विदित को की टेक्निकल यूनिवर्सिटी में वयाप्त प्रशाशनिक भ्रस्टाचर के संबंध में निम्लिखित मामलो में अविलंब करवाई करने की मांग रखी।
1-झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी का प्रथम परिनियम/ संविधि अब तक लंबित रखे जाने के कारण विश्वविद्यालय के सभी विकास कार्य बाधित हो रहे हैं मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के लिए कुल 92 पदों में से सिर्फ कुलपति के पद को छोड़कर सभी पदों पर नियुक्ति लंबित है।
2-विश्वविद्यालय में विगत 2 वर्षों से कुलसचिव जैसे महत्वपूर्ण पद को रिक्त रखा गया है गौरतलब हो कि विगत 3 वर्षों से प्रति नियुक्ति पर नियुक्त अयोग्य पदाधिकारियों को सेवा मुक्त किया जाए क्योंकि 3 वर्षो के कार्यकाल के बाद भी विश्वविद्यालय की स्थिति में कोई भी विकास नहीं हो पाया है।
3-विश्वविद्यालय द्वारा पूरे राज्य में विभिन्न सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों को तकनीकी, फार्मेसी, प्रबंधन, होटल प्रबंधन एवं शिल्प कला से संबंधित उच्च शिक्षा के संचालन के लिए संबद्धता प्रदान किया जाता है परंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि इससे संबंधित नियम वाली का निर्माण राज्य सरकार के द्वारा लंबित रखा गया है।
4-विभाग द्वारा विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक के पद पर प्रतिनियुक्त श्री राजेश प्रसाद के पास योगिता नहीं होने के पश्चात भी पिछले कई वर्षों से सेवा में रखा गया है विदित हो कि राज्य पॉलिटेक्निक लातेहार में असैनिक विषय के एकमात्र व्याख्याता को परीक्षा नियंत्रक के पद के लिए अयोग्य होने के बाद भी प्रतिनियुक्ति पर रखे जाने से विश्वविद्यालय के गरिमा को धूमिल करने एवं राज्य पॉलिटेक्निक लातेहार के विद्यार्थियों के साथ भी अन्याय किया जा रहा है। गौरतलब हो कि योग्यता धारी परीक्षा नियंत्रक श्री राजेश प्रसाद के द्वारा अब तक विश्वविद्यालय में संचालित परीक्षाओं के आयोजन से संबंधित नियम वाली भी लागू नहीं कराया जा सका है। विश्वविद्यालय के गरिमा का ख्याल रखते हुए तत्काल श्री राजेश प्रसाद को राजकीय पॉलिटेक्निक लातेहार में नियुक्त किया जाए एवं यूजीसी के अनुसार योग्यता धारी तथा अनुभवी व्यक्ति को परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियमित नियुक्ति होने तक प्रतिनियुक्त किया जाए।
5-श्री कुणाल कुमार जो बीआईटी सिंदरी में सह प्रधानाध्यापक के पद पर ₹9000 के ग्रेड पे पर कार्यरत है। विभाग द्वारा विश्वविद्यालय में सहायक कुल सचिव के पद जो ₹5400 ग्रेड पे का है ,पर पिछले कई वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है मतलब की वेतन का भुगतान ₹9000 ग्रेड पे का होता है और कार्य ₹5400 का ग्रेड पे का लिया जाता है। इससे विश्वविद्यालय की गरिमा को धूमिल किया जा रहा है आर्थिक रूप से नुकसान भी । तत्काल श्री कुणाल कुमार को उनके मूल पद पर वापस करते हुए यूजीसी के अनुसार योग्यता धारी तथा अनुभवी व्यक्ति को नियमित नियुक्ति होने तक प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया जाए।
6-श्री राज देव कुमार जिनको देव वेतन ग्रेड पर रु 6000 है एवं उनको विश्वविद्यालय में सहायक परीक्षा नियंत्रक के पद पर जो ₹5400 ग्रेड पे का है पर विगत कई वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है। सहायक परीक्षा नियंत्रक के पद के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता नहीं होने के बाद भी श्री राज देव कुमार को कई वर्षों से विश्वविद्यालय में प्रतिनियुक्ति में सेवा में रखा गया है।
7-श्री अरुण कुमार निर्देशक तकनीकी शिक्षा के द्वारा लातेहार राजकीय पॉलिटेक्निक में एकमात्र प्रयोग प्रदर्शक के पद पर नियुक्त श्री विश्वेश्वर सिंह को विश्वविद्यालय में सीधे प्रतिनियुक्त किस पद के विरुद्ध किया गया है यह अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है ।राजकीय पॉलिटेक्निक में एकमात्र प्रयोग प्रदर्शक को तत्काल वापस उनके मूल पद पर भेजा जाए ताकि छात्रों को इसका लाभ प्राप्त हो सके।
8-राज्य मंत्रिपरिषद के निर्णय के आलोक में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्गत संकल्प संख्या -643 दिनांक 11/08/2020 के अनुसार स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन का विलय झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2020 में हो जाने के बावजूद भी अब तक SBTE के संपत्तियों का विलय क्यों नहीं किया गया है, इसके कारण विश्वविद्यालय में हो रहे आर्थिक एवं शैक्षणिक नुकसान के लिए जिम्मेवार पदाधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई किया जाए।
9-विश्वविद्यालय के निवर्तमान प्रभारी कुलपति के द्वारा राज्य सरकार एवं राज्यपाल के बिना निर्देश प्राप्त किए सहायक कुलसचिव श्री कुणाल कुमार को प्रभारी कुलसचिव के रूप में की गई नियुक्तियों को तत्काल रद्द किया जाए साथ ही श्री कुणाल कुमार द्वारा कुल सचिव के पद पर किए गए दुरूपयोगी कार्यों की समीक्षा कर कानूनी कार्रवाई प्रतिस्थापित किया जाए।
मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि सभी मामलों पर जल्द करवाई की जाए अन्यथा एन.एस.यू.आई चरणबद्ध आंदोलन करेगी। मौके पर इंदरजीत सिंह, टेक्निकल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रणव सिंह, उपाध्यक्ष अमन यादव मौजूद थे।