खूंटी में कोरोना से मौत पर पक्ष-विपक्ष हुए आमने-सामने

खूंटी: खूंटी जिले में जहां कोरोना संक्रमित मरीजो और मौत की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है तो यहां कोरोना पर राजनीति भी शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने दिखाई दे रहे है। विपक्ष ने राज्य के दो मंत्रियों पर पीएम केयर फंड का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है जबकि सत्ता पक्ष ने सरकार को हितकारी बताया।

खूंटी जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में अब-तक संक्रमण से मरने वालों की संख्या सौ से ऊपर पहुंच चुकी है। खूंटी,मुरहु और तोरपा प्रखण्ड में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर अलर्ट है,लेकिन दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के हाथ भी बंधे हैं। जिले में उपलब्ध डॉक्टर,नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहारे स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने का प्रयास जारी है।
राज्य की राजधानी में लगातार बढ़ते संक्रमित मरीजों के कारण राज्य सरकार ने वेंटिलेशन समेत कई जरूरी स्वास्थ्य उपकरण खूंटी जिले से रांची शिफ्ट करा लिया है। साथ ही 10 सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी भी डेप्यूटेशन के आधार पर राजधानी के बड़े अस्पताल में शिफ्ट कराया है। खूंटी से 17 वेंटिलेटर और 9 ऑक्सीजन कन्सल्टेंटर रांची भेजे गए।
खूंटी जिले से सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों के डेप्यूटेशन को लेकर जिले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता आमने सामने आ गए हैं और स्थिति यहां तक बन गयी है कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर राजनीति भी होने लगी है।
एक तरफ सत्ता पक्ष का कहना है कि पूरे राज्य में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से राजधानी में अन्य जिलों से स्वास्थ्यकर्मियों को डेप्यूटेशन के आधार पर बहाल किया गया है। यह राज्यस्तरीय मसला है स्वास्थ्यमंत्री ने राज्य की बेहतरी के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं।
वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के प्रतिनिधि सरकार के रवैये पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि खूंटी जैसे जिले में जब लगातार संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है,तो ऐसे में खूंटी जिले से सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों समेत स्वास्थ्य उपकरणों को राजधानी में शिफ्ट कराना खूंटी की जनता के साथ नाइंसाफी है। जिले में कोरोना मामलों पर इस तरह कैसे नियंत्रण किया जा सकेगा? पर्याप्त स्वास्थ्य उपकरण के अभाव और सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों की कमी, खूंटी जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में अंकुश लगाने में कैसे सक्षम होगा यह बड़ा सवाल है। उन्होंने राज्य सरकार के दो मंत्रियों पर गंभीर आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि वित्त और स्वास्थ्य मंत्री जिले के जनता को मरने के लिए छोड़ दिया है जबकि पीएम केयर फंड की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इधर जिले के अधिकारियों का कहना है कि सरकार का जो आदेश था वो पालन किया गया। रांची में बेड और अन्य उपकरण की आवश्यकता अनुसार दी गई है हालांकि उन्होंने इस बात से इंकार नही किया कि जिले में परेशानियां बढ़ी है। सिविल सर्जन ने कहा कि सरकार से मांग करेंगे कि जल्द ही सुविधा बहाल करें ताकि जिलेवासियों को परेशानी न हो।

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