पक्की पुलिया नहीं बनी तो ग्रामीणों ने बना डाला जुगाड़ पुल, बांस के सहारे ले आये बिजली

पलामू से सुधीर कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

मेदिनीनगर:देश आजाद हुए 74 साल हो गये. विकास की लंबी चौड़ी बातें होती रहती हैं. चांद पर दुनिया बसाने की तैयारी हो रही है. लेकिन इन सबसे इतर एक ऐसी तस्वीर जिसे देखकर आप चौंक जायेंगे. मामला पलामू जिले के पांकी प्रखंड के सकलदीपा, होटाई और माड़न पंचायत को जोड़ने वाला फुलवा नाला का है।जिसपर ग्रामीण बांस का जुगाड़ पुल बनाकर आवागमन कर रहे हैं. लोग भले ही आज चांद पर जाने का दावा कर रहें हो. लेकिन इन पंचायतों का सेमराही टोला, कहुआ टोला, दरियापुर के लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं हैं।पंचायत चुनाव के बाद गांव के लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब गांव का विकास होगा. गरीबों के दिन बहुरेंगे. लोगों को सुविधाएं मिलेंगी, ग्रामीण किशुन भुईयां राजदेव भुईयां प्रदीप उरांव,सोमर उरांव सहित कई लोगों ने बताया कि छोटे से बड़े जनप्रतिनिधियों तक इस नाला पर पुलिया बनाने की गुहार लगायें. लेकिन किसी ने एक न सुनी।आखिरकार थक हारकर 1 अगस्त को ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से उक्त नाला पर बांस का जुगाड़ पुल बना डाला. इससे बड़ी आसानी से लोग आना-जाना कर रहे हैं. बाइक सवार भी उक्त बांस के पुल से बेधड़क गुजरते हैं. विकास की लंबी चौड़ी बातें करने वाले नेताओं के लिए यह बांस का जुगाड़ पुल एक गहरे जख्म के रूप में उभरकर सामने आया है. जिसे ठीक कर पाना नेताओं के लिए कड़ी चुनौती है।बताते चलें कि इस नाला में दो वर्ष पहले श्यामलाल उरांव के 6 वर्षीय पुत्र की स्कूल जाने के दौरान नाला पार करते समय बह जाने से मौत हो चुकी है. नाला के पार कुछ दूरी पर ही विद्यालय स्थित है. अभी 14 अगस्त को भी पुल पार करने के दौरान भुखन भुइयां के 4 वर्षीय पुत्र रौशन भुइयां बांस के पुल से नीचे गिर गया और तेज धार में बह गया. लेकिन उसे बहते एक गांव के व्यक्ति ने देख लिया और अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे का जान बचाया।फुलवा नाला के पार लगभग एक सौ घरों की बस्ती है. जिसमें मुस्लिम, हरिजन और आदिवासी परिवार के लगभग सात सौ लोग निवास करते हैं. ग्रामीण श्यामलाल उरांव, धर्मदेव उरांव, जावेद अख्तर, जुमराती मियां, जैनुल अंसारी सहित अन्य लोगों ने बताया कि हमलोग किसी तरह बिजली अपने स्तर से बांस के सहारे गांव तक ले गये हैं. सरकारी स्तर पर कोई सहयोग नहीं मिला है।सकलदीपा के मुखिया हफीजुल अंसारी ने कहा कि होटाई और सकलदीपा के मुहाने पर बरसाती नाला बहता है. बरसात के दिनों में पानी का बहाव तेज रहता है. पुलिया बनाने के लिए ज्यादा पैसा लगेगा. पंचायत के पास उतना पैसा नहीं रहता. पुलिया निर्माण के लिए प्राक्कलन बनाकर संबंधित विभाग में भेजा था. लेकिन स्वीकृति नहीं मिली. बावजूद पुलिया निर्माण के लिए प्रयास कर रहे हैं।