पाकुड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जंयती पर याद किया पंडित दीनदयाल उपाध्याय को

पाकुड़:भाजपा प्रदेश नेतृत्व के निदेशानुसार एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय के प्रणेता और जनसंघ के संस्थापक रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 104 वीं जयंती पाकुड़ शहर के सभी मतदान केंद्रों मंे आयेाजित किया गया।वहीं इसी क्रम में बुथ संख्या 425,426,427,401,402,405,506,
409,410 ,411,419,420,425,426,427 के अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं के घर में कार्यक्रम आयेाजित किया गया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नगर परिषद अध्यक्ष सम्पा साहा,कार्यक्रम प्रभारी मीराप्रवीण सिंह,भाजपा नेता हिसाबी राय,मतदान केंद्र के संयोजक सोहन मंडल, मनोरमा देवी,कैलाश मध्यान्ह, सुशील साहा,पंकज साहा,अशीम मंडल,अमृत पाण्डेय,रतन भगत,सोहन मंडल, कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई ,वही प्रभारी के रूप मे अजय भगत,प्राची चोधरी ,पार्थ रक्षित, अम्बिका राय चोधरी, संजीत मुखर्जी,रविशंकर झा ,पिंका पटेल,उदित उदय सेन ,वाड पार्षद अशोक प्रशाद, रुपाली सरकार,संजय सरकार, उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम,भारत माता की जय,पंडित दीनदयाल उपाध्याय अमर रहे का जयघोष करते हुए सभी ने पंडित जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर पुष्पांजलि दिया।कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म दिवस पर उनके मानवीय एकता मंत्र और समाज सेवा के प्रति उनके योगदान को याद किया कार्यक्रम में उपस्थित नगर परिषद अध्यक्ष सम्पा साहा समेत अन्य वक्ताओं ने बारी बारी से पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनक ेबताये पथ पर चलने का अहवान किया।कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा नेता हिसाबी राय ने कहा कि जनसंघ के जनक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को मथुरा जिले के नगला चंद्रभान गांव में हुआ था।छात्र अवस्था में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए और प्रचारक बन गए।इसके बाद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी से मिलकर जनसंघ की स्थापना किए और दीनदयाल उपाध्याय अध्यक्ष बने।दीनदयाल उपाध्याय को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक के तौर पर भी माना जाता है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रंजीत राम,सुनील सिंह चंद्रवंशी,साक्षी कुमारी,पिंटू मंडल,मोनू जायसवाल,मिथिलेश मंडल,रोहित गुप्ता,बहादुर मंडल,मोनी सिंह,राजकुमार राय,सादेकुल आलम डालिम शेख,तौफीक राज,दिनेश मंडल आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।