45 वर्ष से ऊपर के वैक्सीनेशन कार्य पूर्ण होने पर पंचायत बनेगा आदर्श, मुखिया होंगे सम्मानित: उपायुक्त

पलामू से सुधीर गुप्ता की रिपोर्ट

मेदिनीनगर:पलामू जिले में कोविड-19 का वैक्सीनेशन कार्यक्रम और तेज करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए नया तरीका निकाला गया है. अब जिन पंचायतों में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन कार्यक्रम शत प्रतिशत पूर्ण हो जाएगा, उसे आदर्श पंचायत घोषित किया जाएगा और वहां के मुखिया को सम्मानित किया जाएगा.
इस सिलसिले में निर्णय लेते हुए पलामू के उपायुक्त शशि रंजन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुरुवार को सभी प्रखंडों के विकास प्राधिकारी, मुखिया और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ बैठक की।उपायुक्त ने कहा कि ऐसी पंचायत जहां 45 वर्ष से ऊपर के 100 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लग जायेगी, उस पंचायत को आदर्श पंचायत घोषित किया जाएगा. साथ ही साथ संबंधित पंचायत के मुखिया को सम्मानित भी किया जाएगा. डीसी ने कहा कि इस बार कोरोना का वैरिएंट काफी अलग है, काफी संक्रामक है. लोगों के बीच जल्दी फैल रहा है. इससे हमें बचने को जरूरत है. लोग वैक्सीन लेंगे तो, कोरोना से बचे रहेंगे.बैठक में वैक्सीन कार्य, सर्वेक्षण के कार्य सहित ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे टेस्टिंग की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि अप्रैल माह में वैक्सीन का अभियान चलाया गया था. उसमें पदाधिकारी तथा मुखिया ने काफी सहयोग किया. इसके कारण अभियान सफल रहा.उस अभियान का परिणाम हमें मिला. ग्रामीण क्षेत्र के लोग कोविड से बचे रहे. लेकिन 45 वर्ष से ऊपर के मात्र 33 परसेंट लोगों को वैक्सीन दी गई है. समझने की बात है कि हर 2 से 3 महीने में यह वायरस काफी घातक हो रहा है. तीसरी लहर को लेकर हमें तैयार रहना होगा. 45 वर्ष के ऊपर के लोग जो लोग बच गए हैं, उनके लिए पंचायत स्तर पर वापस से वैक्सीन के लिए अभियान चलाने जा रहे हैं।उपायुक्त ने कहा कि अस्पताल में जितने भी मरीज भर्ती हैं. उन्होंने वैक्सीन नहीं ले रखा है. इसका अर्थ साफ है कि वैक्सीन लेने के बाद आप अस्पताल में भर्ती नहीं होंगे. कोरोना को लेकर कोई अन्य दवा नहीं है. वैक्सीन ही कोरोना से बचाएगी. 28 एवं 29 मई को पंचायत स्तर पर वैक्सीन हेतु अभियान चलाया जाएगा. सभी मुखिया, प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी इस अभियान के दौरान लोगों के बीच जाएंगे तथा लोगों को वैक्सीन लेने हेतु जागरूक करेंगे।उपायुक्त ने मुखिया, प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी से ऐसे क्षेत्र जहां से लोग वैक्सीन केंद्र पर नहीं आ सकते हैं, उनकी सूची तैयार करने की बात कही. उपायुक्त ने कहा कि सुदूर क्षेत्रों के लिए जिले में मोबाइल वैक्सीनेशन का कार्य शुरू किया जाएगा. सुदूर क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर गाड़ी भेजी जाएगी और लोगों को वैक्सीन दिया जाएगा।

कोरोना के इलाज में टाइमिंग का अहम रोल, समय पर जांच जरूर कराएं लोग: उपायुक्त

उपायुक्त ने कहा कि कोरोना के इलाज में टाइमिंग बहुत जरूरी है. लोगों को यदि लगता है कि उन्हें सर्दी, खांसी जैसे लक्षण डेवेलप हो रहे हैं तो वे जांच जरूर कराएं. उसे टालने की जरूरत नहीं है. अगर समय पर कोरोना डिटेक्ट हो जाता है तो इलाज आसानी से घर में रहकर संभव है. 2 से 3 दिनों के अंदर कोरोना फेफड़ों तक पहुंच जाता है, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है.उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे जांच कराएं पॉजिटिव पाए जाने पर उनको आइसोलेशन किट दी जाएगी, जिससे वे घर पर ही ठीक हो सकेंगे. उपायुक्त ने कहा कि सभी मुखिया को पल्स ऑक्सीमीटर दिया गया है. संक्रमित मरीजों जो होम आइसोलेशन पर हैं, उनका ऑक्सीजन लेवल निरंतर नापना है. ऑक्सीजन लेवल कम होने पर मरीजों को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जाए।

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