पीएचडी विभाग के उदासीनता से पेयजल के लिए तरस रहे ग्रामीण

पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा है सोलर संचालित पंप
मयूरहंड(चतरा)। कोरोना वायरस को लेकर जारी लॉक डाउन में जहां एक ओर सरकार व जिला प्रशासन राहत पहुंचाने को लेकर चिंतित है। वहीं दूसरी ओर पीएचडी विभाग के उदासीनता से मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत कदगावां कला पंचायत के दिग्ही गांव में ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ज्ञात हो कि वर्ष 2012-13 में पीएचडी विभाग द्वारा दिग्ही में सोलर संचालित डीप बोरींग अधिष्ठापित किया गया था। जो महज एक वर्ष में ही खराब हो गया। जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने पीएचडी विभाग के पदाधिकारियों को दिया, तो विभाग के मिस्त्री दिग्ही गांव पहुंचे और हैंडपंप में लगे हैंडल व पाईप को बाहर निकाल कर पाइप बदलने कि बात कही और पाईप उपलब्ध नहीं रहने के कारण हैंडपंप खोलकर साथ ले गए। उसके बाद साल गुजरने को है, परंतु अभी तक पीएचडी विभाग द्वारा ना ही पाइप बदला गया और ना ही हैंडल सेट किया गया। परिणाम स्वरूप लॉक डाउन में ग्रामीण बुंद-बुंद पानी को तरस रहे हैं। दिग्ही के ग्रामीणों ने बताया कि एक तो विभाग द्वारा सोलर संचालित पंप को बनाया नहीं गया है, साथ ही उसमें लगे हैंडसेट भी खोलकर छोड दिया गया। हैंड पंप सेट नहीं रहने से हम ग्रामीणों के समक्ष पीने के पानी को लेकर भी आफत आ पडा है। ऐसे में लगभग एक किलोमीटर दूरी से पानी लाना पड़ रहा है। जिससे समाजिक दूरी का अनुपालन करने में भी परेशानी उत्पन्न हो रही है।